नेपाली चरस तस्कर को दस वर्ष की सजा

बेतिया : चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने एक नेपाली तस्कर को दोषी पाते हुए उसे दस वर्ष कठोर कारावास तथा तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजायाफ्ता तस्कर वसीम […]

बेतिया : चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार ने एक नेपाली तस्कर को दोषी पाते हुए उसे दस वर्ष कठोर कारावास तथा तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजायाफ्ता तस्कर वसीम नेपाल के भिस्वा पर्सा का निवासी है.

एनडीपीएस एक्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार ने बताया कि 17 जनवरी 2017 को एसएसबी के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर सिकटा बाजार में संदिग्धों की तलाशी लेनी शुरू की. इस क्रम में एक व्यक्ति को पकड़कर उसकी तलाशी ली गयी तो उसके हाथ में लिये कमंडल में से दो किलो चरस बरामद हुआ. पूछताछ करने पर उसने अपना नाम वसीम बताया. इस संबंध में एसएसबी 47वीं बटालियन के निरीक्षक एल होमो ने सिकटा थाने में कांड संख्या 8/17 दर्ज कराया था. इसी मामले की सुनवाई दो वर्ष में पूरी करते हुए न्यायाधीश ने उक्त सजा सुनाई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >