बेतिया : बैरिया प्रखंड क्षेत्र के मलाही बलुआ पंचायत में सात निश्चय योजना से हो रहे कार्यों में घोर अनियमितता होती नजर आ रहा है. इससे संबंधित वार्ड नंबर 18 के वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के वार्ड सचिव ने डीडीसी को आवेदन सौंपा. आवेदन में बताया गया है कि मुखिया पति के द्वारा 18 […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बेतिया : बैरिया प्रखंड क्षेत्र के मलाही बलुआ पंचायत में सात निश्चय योजना से हो रहे कार्यों में घोर अनियमितता होती नजर आ रहा है. इससे संबंधित वार्ड नंबर 18 के वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के वार्ड सचिव ने डीडीसी को आवेदन सौंपा. आवेदन में बताया गया है कि मुखिया पति के द्वारा 18 नंबर वार्ड में बोरिंग का काम अपने स्तर से जबरदस्ती कराया जा रहा है. इतना ही नहीं सादा चेक पर भी हस्ताक्षर करा लिया गया है. बोरिंग लगाए चार महीने हो गए हैं,
लेकिन अभी तक पाइप का काम उनके द्वारा नहीं किया गया. मुखिया पति से पूछे जाने पर वे कहते हैं कि सादा चेक पर हस्ताक्षर कर दो, तभी पाइप का काम हम करेंगे. मलाही बलुआ पंचायत के वार्ड नंबर आठ, चार तथा 10 में जो बोरिंग हुआ है. वहीं मानक के अनुसार उसकी गहराई भी नहीं है तथा वार्ड सदस्य को डरा धमका कर ज्यादा से ज्यादा राशि की निकासी भी कर ली गयी है. जबकि इस पंचायत का मामला कई बार सुर्खियों में चुका है. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. ऐसा लगता है कि इसमें जेइ की मिलीभगत है.
ज्ञात हो कि इस धांधली को देखते हुए बिहार विकास मिशन के उप निदेशक नवीन कुमार भी जांच में आए थे, जो मलाही बलुआ पंचायत के कार्यों तथा अभिलेखों से संतुष्ट नहीं हुए और मुखिया, जेई तथा पंचायत सेवक को फटकार भी लगाई थी. जबकि उनके समक्ष वार्ड नंबर 14 के वार्ड सचिव नरेश राम ने कहा था कि मुखिया पति कार्य स्वयं करते हैं, वार्ड सचिव को डरा धमका कर हटा देते हैं. इस पंचायत में सात निश्चय योजना पूरी तरह विफल होता हुआ नजर आ रहा है. वहीं ग्राम सेवक से पूछे जाने पर बताया कि मुझे इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं है. इस बाबत पूछने पर मुखिया पति जोगेंद्र चौधरी ने इन सब बातों से अनभिज्ञता जाहिर की और कहा कि लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं.