एक लाख रुपये जमा करने के बाद 57 हजार के लिए मरीज और परिजन को रोक लिया

मोतिहारी : डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन छतौनी में एक डॉक्टर पैसे के लिए हैवान बन गया. उसने इलाज का पूरा बिल चुकता करने के लिए मरीज को नर्सिंग होम में रोक लिया. तीन दिनों से मरीज व उसके परिजन नर्सिंग होम में रुके हुए हैं, उनके पास इलाज का पूरा […]

मोतिहारी : डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन छतौनी में एक डॉक्टर पैसे के लिए हैवान बन गया. उसने इलाज का पूरा बिल चुकता करने के लिए मरीज को नर्सिंग होम में रोक लिया. तीन दिनों से मरीज व उसके परिजन नर्सिंग होम में रुके हुए हैं, उनके पास इलाज का पूरा खर्च चुकता करने के लिए पैसा नहीं है.

मरीज के परिजन पुलिस के पास भी गये, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. पुलिस ने नर्सिंग होम में पहुंच डॉक्टर से बात की. बावजूद डॉक्टर को उस गरीब मरीज पर तनीक भी तरस नहीं आयी. मरीज सीमा देवी सुगौली थाने के डुमरी गांव की रहने वाली है. उसके ससुर रामविद्या सहनी ने प्रभात खबर को दूरभाष पर बताया कि उसकी पतोहू को बच्चा होने वाला था. तीन नवंबर को उसे छतौनी थाने के छतौनी-अवधेश चौक के बीच एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया.

चार नवंबर को ऑपरेशन से बच्चा हुआ. डॉक्टर बच्चे को नहीं बचा सके. इधर, नर्सिंग होम में डिस्चार्ज होने का समय आया तो डॉक्टर ने ऑपरेशन से लेकर नर्सिंग होम का फी व दवा सहित 1.57 लाख का बिल दिया. एक लाख रुपये इलाज शुरू होने से पहले व उसके बाद तक जमा किया जा चुका है. अब 57 हजार रुपये के लिए मरीज सहित सपरिवार नर्सिंग होम में तीन दिनों से बैठे हैं. रामविद्या सहनी का आरोप है कि डॉक्टर ने स्पष्ट कहा है कि, जब तक पूरा बिल चुकता नहीं होगा, मरीज को नर्सिंग होम से रिलीज नहीं करेंगे.

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