तीन महीने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली

मधुबन : तीन महीने पहले गायब प्रीतम का अब तक सुराग नहीं मिला है. परिजन लगातार थाने का चक्कर लगा कर थक गये हैं. 22 जुलाई 2019 को बाढ के दौरान प्रीतम अपने दादा जलधारी सहनी व दादी रंभा देवी के साथ सो रहा था. इसी दौरान बच्चा गायब हो गया. मामले में 28 जुलाई […]

मधुबन : तीन महीने पहले गायब प्रीतम का अब तक सुराग नहीं मिला है. परिजन लगातार थाने का चक्कर लगा कर थक गये हैं. 22 जुलाई 2019 को बाढ के दौरान प्रीतम अपने दादा जलधारी सहनी व दादी रंभा देवी के साथ सो रहा था. इसी दौरान बच्चा गायब हो गया. मामले में 28 जुलाई को सड़क जाम भी किया गया था, उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी. फिर दोबारा ग्रामीणों के साथ परिजनों ने 14 अगस्त 2019 को भेलवा ढाला के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया.

सोमवार को प्रीतम के केस के बारे में जानकारी लेने पहुंची उसकी दादी रंभा देवी पुलिस के सामने फफक -फफक कर रो पड़ी. थानेदार से मिन्नत व गुहार लगाते हुए कहा कि हमार बबुआ के कहीं खोज दीं. हमार घर के चिराग के दुश्मनवा सब उठा लेलक, अब रऊरे पर आस बा. वहीं, प्रीतम की मां भी बच्चे के इंतजार में दिन रात रोती रहती है.
परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप भी लगाया है कि उसके बच्चे को उनलोगों ने साजिश तहत अगवा कर कही बेच दिया है. परिजनों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. उठना भी लाजिमी है. आखिर तीन माह से पुलिस क्या कर रही है. परिजनों के थाना पर गिरगिराने से उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं. इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है.
इस बाबत थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि बच्चे की तलाश जारी है. पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

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