बहुप्रतिक्षित छौड़ादानो-रक्सौल कैनाल पथ स्वीकृत
24 किमी केनाल पथ पर खर्च होंगे करीब 43 करोड़ रुपये
सिंचाई विभाग ने आरसीडी को दिया निर्माण का जिम्मा
चैलाहां बेला नहर चौक तक सड़क पर खर्च होंगे 93 करोड़ रुपये
कोटवा, बझिया, राजपुर खोड़ा सड़क का भी होगा निर्माण
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले में जर्जर व बहुप्रतिक्षित सड़कों का कायाकल्प होनेवाला है. घोड़ासहन-केनाल पथ के रूप में चर्चित छौड़ादानो-रक्सौल पथ के निर्माण की स्वीकृति मिल गयी है. करीब 24 किमी सड़कों के निर्माण पर 43 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सड़क की चौड़ाई 12 फीट चौड़ा होगा और डेढ़ साल में कार्य को पूरा कर लिया जायेगा. इसके लिए सिंचाई विभाग के अपर सचिव ने आरसीडी को पत्र लिख सड़क निर्माण कराने का जिम्मा दिया है. इसके अलावे रक्सौल-भेलाही, कोटवा-बझिया-राजपुर खोड़ा पथ, बेलवतिया-श्यामपुर पथ, चैलाहा से बेला नहर चौक पथ, रक्सौल लक्ष्मीपुर से रेलवे क्रॉसिंग पथ आदि का निर्माण किया जायेगा.
जुलाई तक प्रशासनिक स्वीकृति के साथ निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी. छौड़ादानों-रक्सौल पथ का ऋषि कंस्ट्रक्शन व बहुरूनिया कंस्ट्रक्शन द्वारा वर्ष 2003-04 में करीब सात करोड़ की लागत से ग्रामीण विकास विभाग के तहत पीएनबीएसवाई योजना से सड़क बनी थी, जो अब चलने लायक नहीं है. इन स्वीकृत 260 करोड़ की योजनाओं में 200 करोड़ की लागत से 74 किमी सड़क नाबार्ड योजना के तहत बनेगी. इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य अंतिम चरण में है.
बेला पथ निर्माण से रक्सौल की घटेगी दूरी : सिकरहना नदी में जटवाघाट पर पुल बन जाने के बाद रक्सौल की दूरी तो कम हुई है, लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण लोगों का आना-जाना कम होता है. एसडीओ रबीश कुमार ने बताया कि सरकार की नई योजना के तहत बंजरिया चैलाहां से रामगढ़वा के बेला नहर चौक तक 31.3 किमी सड़क का निर्माण 93 करोड़ की लागत से होगा. यह सड़क चैलाहां से अजगरी,सिसवनिया, जटवा, जनेरवा, करमवा, नकरदेई, श्रीखंडी, भेड़िहरवा होते हुए बेला नहर तक जायेगी.
