हीटवेव के कारण वितरण काउंटर में रखी दवा की गुणवत्ता पर मंडरा रहा खतरा

जिले में इन दिनों काफी उच्च तापमान कायम है. जिसके कारण आम जनजीवन के साथ ही जीवन रक्षक दवाओं के उपर भी संकट मंडरा रहा है

बक्सर. जिले में इन दिनों काफी उच्च तापमान कायम है. जिसके कारण आम जनजीवन के साथ ही जीवन रक्षक दवाओं के उपर भी संकट मंडरा रहा है. जिसे सुरक्षित रखने में परेशानी कायम है. दवा को 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही सुरक्षित रखा जा सकता है. लेकिन इन दिनों प्रदेश में सर्वाधिक तापमान वाले जिला बक्सर में दवा को सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है. इस क्रम में सदर अस्पताल में शेड में दवा वितरण केंद्र होने के कारण दवा को सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है. जिले मे दवा के सुरक्षित रखने के अधिकतम तापमान से काफी उच्च तापमान बना हुआ है. ऐसे में सदर अस्पताल के दवा वितरण केंद्र शेड में संचालित दवा वितरण केंद्र की दवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होने की समस्या बनी हुई है. शेड का बना होने के कारण दवा वितरण केंद्र में काफी गर्मी कायम रहती है. धूप भरी गर्मी से भी ज्यादा गर्मी कायम हो रही है. जिससे दवा के गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ सकता है. गर्मी को देखते हुए एक एसी एवं एक कूलर की व्यवस्था भी विभाग से की गई है. लेकिन गर्मी के कारण एसी एवं कूलर भी दवा काउंटर में अपना प्रभाव नहीं दिखा पा रहा है. फेल नजर आ रहा है. दवा वितरण केंद्र से बाहर निकलने पर धूप भरी गर्मी भी ठंडक महसूस हो रही है. ऐसे मे सदर अस्पताल के दवा वितरण काउंटर में रखे गये दवाओं के गुणवत्ता प्रभावित होने की खतरा बना हुआ है.

पूर्व में मेन गेट के पास था दवा वितरण काउंटर

सदर अस्पताल में दवा वितरण काउंटर अस्पताल भवन में पूर्व में मुख्य गेट के पास था. भवन में होने के कारण तापमान का प्रभाव अपेक्षाकृत कम था. जहां रजिस्ट्रेशन काउंटर भी था. जिसके कारण काफी भीड़ रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण काउंटर पर ही लग जाती थी. जिससे मरीजों को राहत दिलाने के लिए दिव्यांग व बुजुर्ग लोगों के लिए बने रजिस्ट्रेशन काउंटर में शिफ्ट कर दिया गया. जहां टीन का शेड होने के कारण इस भीषण गर्मी में दवा को सुरक्षित रख पाना समस्या बनी हुई है. जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार दर्ज किया गया है. जिस तापमान से भी ज्यादा तापमान इस दवा वितरण केंद्र शेड में होने के कारण महसूस की जा रही है. जहां एसी कूलर का प्रभाव भी शुन्य दिख रहा है. दवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. ज्ञात हो कि दवा को अधिकतम 35 डिग्री सेल्सियस तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है.

कहते है सिविल सर्जन

विभागीय स्तर दवा को सुरक्षित रखने के लिए कोई तापमान का मानक निर्धारित नहीं है. वैसे दवा को 35 डिग्री सेल्सियस तापमान तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे अधिक तापमान होने पर कुछ दवाओं के साथ परेशानी हो सकती है. सदर अस्पताल में शेड में संचालित दवा काउंटर में एसी एवं दो कूलर लगाये गये है. जिससे दवा के गुणवत्ता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़े. सुरेश चंद्र सिंहा सिविल सर्जन बक्सर.

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By Prabhat khabar news desk

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