Buxar News (चौसा से विनोद कुमार सिंह की रिपोर्ट) :
थर्मल प्लांट के कोल डिपो के पास पुलिया में कटे बिजली के तार ने दो मासूमों की जान ले ली. बीते मंगलवार को रोहित कुमार (10 वर्ष) और सुभाष कुमार (12 वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद गुरुवार को स्थानीय महादलित बस्ती के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्लांट परिसर के पास बेहद खतरनाक तरीके से बिजली का तार खुला पड़ा था, लेकिन बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी प्रबंधन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ.
ठेकेदार ने 10-10 हजार रुपये देकर मामला रफा-दफा करने का किया प्रयास
हादसे के बाद ठेकेदार द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को महज 10-10 हजार रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई. इसी बात से नाराज बस्ती के लोगों और परिजनों का आक्रोश भड़क उठा. इसके विरोध में ग्रामीणों ने थर्मल प्लांट में कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग का काम पूरी तरह ठप करा दिया और मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक प्लांट का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा.
25-25 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे रंजन राय ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या गरीब के बच्चे की जान की कीमत सिर्फ 10 हजार रुपये है. उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए, तभी वे पीछे हटेंगे. सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची.
एसडीओ और एसडीपीओ के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अविनाश कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौरव पांडेय तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवारों को उचित सरकारी मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया. अधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से जाम हटाया, जिसके बाद आवागमन और प्लांट का काम दोबारा शुरू हो सका.
