बक्सर से डॉ विष्णुदत्त द्विवेदी की रिपोर्ट बक्सर कोर्ट. राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को न्यायमूर्ति सह निरीक्षी न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय सोनी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की मौजूदगी रही. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव ने कहा कि अदालतों में मामलों का समझौते के आधार पर निष्पादन केवल केस समाप्त करने तक सीमित होता है, जबकि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किए गए निपटारे से समाज में आपसी समरसता और सामंजस्य की बहाली होती है. उन्होंने कहा कि इससे वर्षों से चली आ रही आपसी कटुता भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है. उन्होंने लोक अदालत को त्वरित न्याय का सबसे सरल और सुलभ साधन बताया. इससे पूर्व कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब, जिलाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य, न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार नेहा दयाल तथा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए और लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार द्वितीय ने किया. इस दौरान बताया गया कि लोक अदालत में 2 हजार से अधिक मामलों को समझौते के लिए चिन्हित किया गया है, जिनके त्वरित निपटारे का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही पहली बार परिवहन विभाग द्वारा जुर्माने की राशि में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा सरकार की ओर से की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग लोक अदालत का लाभ उठा सकें. आयोजन को न्यायिक व्यवस्था को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
राष्ट्रीय लोक अदालत में आये 2000 से अधिक मामले
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को हुआ, जिसमें हजारों लोग आये
