लाइव : पीएचइडी विभाग में समय से नहीं आते हैं अधिकारी और कर्मी

दिन बुधवार, समय सुबह के 10 बजकर 20 मिनट. पीएचइडी विभाग में अधिकांश कुर्सियां अधिकारियों समेत कर्मचारियों के इंतजार में खाली थी. हालांकि जिस समय प्रभात खबर टीम पहुंची थी.

बक्सर.

दिन बुधवार, समय सुबह के 10 बजकर 20 मिनट. पीएचइडी विभाग में अधिकांश कुर्सियां अधिकारियों समेत कर्मचारियों के इंतजार में खाली थी. हालांकि जिस समय प्रभात खबर टीम पहुंची थी. उस वक्त पीएचइडी आफिस में केवल दो निम्न वरीय लिपिक शैलेश कुमार सिंह और अमरेंद्र कुमार, फरिद कुमार ऑफिस में पाये गये. जबकि कार्यालय प्रचारी संतोष कुमार ने 10:35 पर कार्यालय में पहुंचे. वही परिचारी अनिल कुमार 11:10, तो निम्नवर्गीय कर्मचारी पूनम कुमारी 11:18 तो चंद्रशेखर कुमार ने 11:30 बजे कार्यालय पहुंचे. वही विभागीय काम के सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कैशियर अरुण कुमार ने 11:45 बजे तो वही बड़ा बाबू के पद पर कार्यरत ओमप्रकाश चौबे ने 12:15 बजे कार्यालय में आये. वहीं कार्यपालक अभियंता कुमार अरुप लगभग एक बजे कार्यालय में आये. यह अलग बात है कि यह घटना बुधवार की है. मगर इस तरह की कार्यशैली पीएचडी विभाग में एक दिन का नहीं है. लगभग प्रतिदिन की है. इसी समय से कार्यालय में आते हैं. अधिकारी व कर्मचारी. इसे जिले के विभिन्न प्रखंड से लोग अपने पीने के पानी के समस्या को लेकर आते हैं तो बडा़ बाबू नहीं रहने की वजह से काम नहीं हो पाता है. जबकि विभागीय गाइड लाइन के अनुसार जिले में कार्यरत कर्मचारियों को अगर जिले से बाहर जाना होता है तो विभाग को सूचना देना होता है. लेकिन विभागीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार बड़ा बाबू के पद नियुक्त ओमप्रकाश चौबे ने जिला छोड़ना तो दूर की बात दूसरे राज्य में बलिया अपने निवास पर प्रतिदिन जाते हैं. बलिया से आने में प्रतिदिन 11 से 12 बज जाता है. जिसकी वजह से ऑफिस का काम भी प्रभावित होता है. वहीं नहीं विभाग के द्वारा लगाया गया बायोमेट्रिक बहुत दिन से खराब पडा है. बायोमिट्रिक लगाया गया था. विभाग के कर्मचारियों का निगरानी रखा जाएं, ताकि समय से आते या नहीं. लेकिन वह तो कई दिन से खराब पडा है. इस संबंध में जब पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता कुमार अरूप से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बायोमिट्रिक ठीक है, लेकिन जब उनको बायोमिट्रिक का सच्चाई पता चला तो चौक कर रह गये. वहीं 11 बजे के बाद आने वाले कर्मचारियों के बारे में जो पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लेट आने कर्मचारियों से स्पष्टीकरण निकालकर उन सब से जवाब लिया जायेगा. जबाव से अगर संतोषजनक नहीं मिलता है तो विभागीय कार्रवाई किया जायेगा. वही जो कर्मचारी जिला व राज्य छोड़कर बाहर जाते हैं. उसका उच्च स्तरीय जांच कराया जायेगा.

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By Prabhat khabar news desk

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