नयी चेतना अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल : डीडीसी

नगर के एक होटल में जीविका द्वारा जेंडर इंटीग्रेशन एवं नयी चेतना 4.0 के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला बुधवार को आयोजित किया गया.

बक्सर. नगर के एक होटल में जीविका द्वारा जेंडर इंटीग्रेशन एवं नयी चेतना 4.0 के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला बुधवार को आयोजित किया गया. जिसमें जेंडर दृष्टिकोण से आजीविका का इस कार्यशाला का उद्देश्य लैंगिक समानता, महिलाओं का सशक्तीकरण और आजीविका के क्षेत्र में जेंडर दृष्टिकोण को मजबूत करना है. जिसमें जीविका महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को एकजुट कर आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के मुद्दों पर जागरूक किया जाता है, ताकि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में बढ़ावा मिले और घरेलू व देखभाल के कामों में साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले. कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि उपविकास आयुक्त, महिला थानाध्यक्ष कंचन तथा व्यवहार न्यालय अधिवक्ता आनंद रंजना, डीपीएम जीविका तथा जीविका दीदियों द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया. सभी अतिथियों को अंगवस्त्र तथा पौधे देकर स्वागत जीविका दीदियों द्वारा किया गया. उपविकास आयुक्त निहारिका छवि ने अपने विचार साझा किये. अपने संबोधन में कहा कि नई चेतना अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. जेंडर इंटीग्रेशन केवल योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे परिवार और समाज के व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है. उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, अवैतनिक श्रम की पहचान तथा संसाधनों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित कर ही समावेशी विकास संभव है. महिलाओं के अधिकार, कानूनी संरक्षण एवं संस्थागत सहयोग की आवश्यकता है. दीदी अधिकार केंद्र से जुड़ी सभी दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें घरेलू हिंसा, ईव टीजिंग, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स, रेप से जुड़ी जो शिकायते दीदी अधिकार में आकर करती हैं. उनका समाधान सक्षमा दीदी तथा महिला थाना पुलिस से समन्वय करके किया जाता है. कार्यक्रम में दीदियों द्वारा नई चेतना के अंतर्गत खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल एवं फुटबॉल जैसे खेलों का आयोजन हुआ. जिसमें जीविका दिदियों, जीविका प्रखंड के स्टाफ ने भी भागीदारी दी. कार्यशाला में जीविका के सभी जिला विषगेत कर्मी, दीदी अधिकार केंद्र की डाक कॉर्डिनेटर, सक्षमा दीदी तथा सभी प्रखंडों के बीपीएम तथा सामाजिक विकास विषयगत एंकर पर्सन, जेंडर समन्वयक, सहित बड़ी संख्या में जीविका से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं. कार्यशाला ने जिले में जेंडर समानता एवं महिला नेतृत्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया.

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Published by: Amlesh prasad

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