Bijli Power Cut : बक्सर. डुमरांव अनुमंडल में 80 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के बाद चरमराई बिजली व्यवस्था को विभाग ने 24 घंटे के भीतर काफी हद तक सामान्य कर दिया. रविवार को 132/33 केवी डुमरांव ग्रिड उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में खराबी आने के बाद डुमरांव शहर सहित अनुमंडल के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी. भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी.
खराबी का असर डुमरांव के अलावा सिमरी, चक्की, केसठ, नावानगर, प्रतापसागर, दलसागर, एकरासी, मुरार, कोरानसराय, चौगाईं और ढकाईच समेत कई क्षेत्रों में पड़ा था. स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बहाल करने की कवायद शुरू की.
ब्रह्मपुर, महाराजगंज और इटाढ़ी ग्रिड से जोड़ी गई आपूर्ति
ट्रांसफार्मर की खराबी को तत्काल ठीक करने के शुरुआती प्रयास सफल नहीं होने के बाद विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की. उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ब्रह्मपुर, महाराजगंज और इटाढ़ी पावर ग्रिड से डुमरांव ग्रिड को जोड़ने का निर्णय लिया गया.
इसके बाद सोमवार की देर रात चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की गई. वर्तमान में अनुमंडल के सभी 13 पावर सब स्टेशनों से बिजली की आपूर्ति शुरू हो चुकी है.
30 मेगावाट से अधिक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित
विभाग के अनुसार 132 केवी डबल सर्किट लाइन के जरिए करीब 30 मेगावाट बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. इसके अलावा डुमरांव नये ग्रिड के 33 केवी फीडर से करीब 15 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध करायी गई.
हालांकि बिजली की मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अभी अंतर बना हुआ है, लेकिन विभाग का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर उपभोक्ताओं को अधिकतम बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है.
ट्रांसफार्मर ठीक होने में लग सकता है 15 दिन
80 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की मूल तकनीकी खराबी अभी पूरी तरह दूर नहीं हुई है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मर की मरम्मत और आवश्यक टेस्टिंग में 15 दिन से अधिक का समय लग सकता है. निर्माता कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत के काम में जुटी है.
भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
अधिकारियों ने ग्रिड का किया निरीक्षण
बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए बीएसपीटीसीएल के संचरण जोन के जीएम दीपक कुमार झा और कार्यपालक अभियंता सूर्यप्रकाश ने डुमरांव ग्रिड का निरीक्षण किया. बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.
जिला प्रशासन की ओर से भी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की गई. डीएम साहिला और एसडीएम राजीव कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराने की स्थिति पर नजर रखी.
स्थानीय स्तर पर सहायक विद्युत अभियंता आरके दुबे, अर्जुन वर्मा, सहायक कार्यपालक अभियंता अभिषेक कुमार, कनीय अभियंता मो. इम्तियाज और जितेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने भी आपूर्ति बहाल कराने में लगातार प्रयास किया.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया की उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बेहतर से बेहतर बिजली आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है. अतिरिक्त 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने की योजना है. सभी तकनीकी बिंदुओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
