Buxar News : केसठ प्रखंड के दंगौली गांव में नहर चाट की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. प्रमंडलीय आयुक्त सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार, पटना ने इस मामले में अंतिम आदेश पारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को वाद की प्रक्रिया पूरी करने और कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है. इस आदेश के बाद अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है.
बताया जाता है कि इस मामले को लेकर परिवादी दिनेश कुमार सिंह ने अपील दायर की थी. कई चरणों में सुनवाई के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्राधिकार के समक्ष पेश की. जांच के दौरान अतिक्रमित जमीन की विधिवत मापी कराई गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
जांच में पक्का निर्माण और नाला बनाकर कब्जे की पुष्टि
जांच रिपोर्ट के अनुसार नहर चाट की जमीन पर कई लोगों द्वारा ईंट की दीवार और पक्का मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है. इतना ही नहीं, चार अलग-अलग स्थानों पर सीमेंट का नाला बनाकर उसे रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे साफ है कि सरकारी जमीन का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा था.
जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर दिया है. साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर जवाब देने का मौका दिया गया है.
थाने में प्राथमिकी दर्ज, विभाग ने मांगी रिपोर्ट
इधर सोन नहर प्रमंडल, विक्रमगंज की ओर से भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया गया है. विभाग ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नावानगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पूरे मामले की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. इससे स्पष्ट है कि प्रशासन अब इस मामले को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है.
जिला प्रशासन ने प्राधिकार को बताया है कि विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जैसे ही नोटिस की निर्धारित अवधि पूरी होगी, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी.
पानी उतरते ही शुरू होगी कार्रवाई
वहीं इस मामले पर अंचलाधिकारी अभिषेक गर्ग ने बताया कि फिलहाल संबंधित जमीन पर पानी भरा हुआ है, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है. उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी निकल जाएगा, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
