Buxar News : डुमरांव चक्की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की पीएफ राशि को लेकर सिस्टम पर सवाल खड़े हो गये हैं. कर्मियों का आरोप है कि अगस्त 2025 से उनके वेतन से प्रत्येक माह पीएफ के नाम पर 1800 रुपये की कटौती की जा रही है, लेकिन अब तक यह राशि पीएफ खाते में क्रेडिट नहीं हुई है. करीब 13 माह से राशि कटने के बावजूद खाते में जमा नहीं होने से कर्मियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
हर माह कट रहे 1800 रुपये, खाते में नहीं दिख रही राशि
चक्की सीएचसी के डॉक्टर अरविंद, डॉ. गोपाल कुमार, डॉ. अरविंद कुमार, विकास कुमार, एएनएम रीता कुमारी, काउंसलर संदीप कुमार, हिमांशु कुमार और सीएचओ पल्लवी कुमारी समेत अन्य कर्मियों ने बताया कि वेतन से पीएफ के नाम पर नियमित रूप से 1800 रुपये काटे जा रहे हैं. इसके बावजूद अगस्त 2025 से अब तक की राशि उनके पीएफ खाते में दिखाई नहीं दे रही है. कर्मियों का कहना है कि जब प्रत्येक माह राशि की कटौती हो रही है, तो यह पैसा कहां जमा हो रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं मिल रही है.
अकाउंटेंट से भी नहीं मिला स्पष्ट जवाब
कर्मियों के अनुसार, पीएफ राशि के संबंध में जब सीएचसी के अकाउंटेंट से जानकारी मांगी गयी, तो उन्हें भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया. इससे कर्मियों की चिंता बढ़ गयी है. उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन से राशि कट रही है, लेकिन पीएफ खाते में जमा नहीं होने के कारण भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसकी चिंता बनी हुई है.
ब्याज सहित राशि खाते में जमा कराने की मांग
कर्मियों ने मांग की है कि अगस्त 2025 से अब तक उनके वेतन से पीएफ के नाम पर काटी गयी पूरी राशि की जांच करायी जाये. साथ ही बकाया राशि को ब्याज सहित उनके संबंधित पीएफ खातों में जमा कराया जाये. कर्मियों का कहना है कि लंबे समय तक राशि खाते में जमा नहीं होने की स्थिति में उन्हें मिलने वाले ब्याज को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए.
अकाउंटेंट बोले- सरकारी खाते में जमा हो रही राशि
इस संबंध में चक्की सीएचसी के अकाउंटेंट संजय सिंह ने बताया कि नेट बैंकिंग और डिजिटल प्रक्रिया के कारण राशि सरकारी खाते में जमा हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग रहा है. एक-दो सप्ताह के अंदर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी संबंधित कर्मियों के खातों में पीएफ की राशि क्रेडिट कर दी जायेगी.
Also Read : राजपुर में किसान गोष्ठी आयोजित, जलवायु अनुकूल खेती और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर
