Buxar Weather (डुमरांव से सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट ) :
अनुमंडल क्षेत्र में शनिवार को सुबह से ही जारी भीषण गर्मी और उमस से तड़प रहे लोगों को शाम के समय प्रकृति ने बड़ी राहत दी. पिछले चार-पांच दिनों से पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था. सुबह से ही आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं (लू) के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर था. दोपहर के वक्त हालात इतने बदतर थे कि घरों में चल रहे पंखे और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे थे. इसके साथ ही बिजली की लगातार आंख-मिचौली ने लोगों की दिक्कतों को दोगुना कर दिया था. इसी बीच शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया.
तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश, छतों पर मौसम का आनंद लेते दिखे लोग
आसमान में घने काले बादल छाने के साथ ही धूलभरी तेज आंधी चलने लगी. इसके कुछ ही मिनटों बाद अनुमंडल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई. कड़कती बिजली और तेज हवाओं के बीच हुई इस बारिश से पारा धड़ाम से नीचे गिर गया और लोगों ने राहत की सांस ली. उमस भरी गर्मी से तंग आ चुके लोग, विशेषकर बच्चे और युवा, घरों की छतों और बरामदों में आकर बारिश की बूंदों का आनंद लेते नजर आए. कई जगहों पर बच्चे सड़कों पर भीगते और मस्ती करते दिखाई दिए.
सड़कों-गलियों में घुली ठंडक, झुलसती फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश
मौसम के इस बदले रुख से झुलस रही फसलों को नया जीवन मिला है. क्षेत्र के स्थानीय किसानों ने इस असमय बारिश को कृषि कार्य के लिए बेहद लाभकारी बताया है. किसानों का कहना है कि इस बारिश से मिट्टी में नमी आएगी, जो आगामी फसलों की बुआई और वर्तमान सब्जियों की खेती के लिए संजीवनी का काम करेगी. बारिश थमने के बाद डुमरांव की मुख्य सड़कों, बाजारों और तंग गलियों में जमा धूल शांत हो गई और हवा में एक अच्छी ठंडक महसूस की गई, जिससे पिछले कई दिनों से बंद बाजारों में भी रौनक लौट आई.
मौसम विभाग का अनुमान: आने वाले दिनों में भी छाए रहेंगे बादल, मिलेगी राहत
अचानक आए इस मौसमी बदलाव से जहां वातावरण पूरी तरह खुशनुमा और सुहावना हो गया है, वहीं लोगों के मुरझाए चेहरे एक बार फिर खिल उठे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर के कारण आने वाले अगले दो से तीन दिनों तक अनुमंडल सहित पूरे जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह की मानसूनी गतिविधियां जारी रहीं, तो लोगों को इस साल जून की तपती और भीषण गर्मी से लंबे समय तक राहत मिल सकती है.
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