Ganga water level : बक्सर. बक्सर में उफान के बाद पिछले दो-तीन दिनों से लगातार घट रहा गंगा का जलस्तर अब एक बार फिर स्थिर हो गया है. बुधवार को करीब दस घंटे में नदी का जलस्तर महज 2 सेंटीमीटर घटा. पानी घटने की रफ्तार अचानक धीमी पड़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा अभी चेतावनी स्तर से 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है और खतरे के निशान से करीब 1.45 मीटर नीचे है.
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 58.89 मीटर दर्ज किया गया था. शाम 6 बजे तक यह घटकर 58.87 मीटर पर पहुंचा. यानी दस घंटे में सिर्फ 2 सेंटीमीटर की गिरावट हुई. इसके बाद जलस्तर में कमी की रफ्तार लगभग थम गई.
चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे है गंगा
बक्सर में गंगा का निर्धारित चेतावनी स्तर 59.32 मीटर है. मौजूदा जलस्तर इससे करीब 45 सेंटीमीटर नीचे है. वहीं खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है. इस लिहाज से नदी अभी खतरे के निशान से करीब 1.45 मीटर नीचे बह रही है.
पिछले दिनों जलस्तर में लगातार कमी आने से तटवर्ती इलाकों के साथ दियारा क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिली थी. रामरेखाघाट के आसपास पानी कम हुआ है. बाढ़ प्रभावित खेतों से भी पानी धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है. लेकिन नदी के जलस्तर में अब गिरावट लगभग रुक जाने से लोगों की नजर फिर गंगा के अगले रुख पर टिक गई है.
दियारा के निचले इलाकों में अभी जलजमाव
गंगा का पानी घटने के बावजूद दियारा के निचले इलाकों में अब भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ता है तो निचले इलाकों में स्थिति बिगड़ सकती है.
फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है, इसलिए तत्काल बाढ़ का खतरा नहीं है. लेकिन जलस्तर के स्थिर होने के बाद आने वाले घंटों में नदी का रुख महत्वपूर्ण होगा. केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर तटवर्ती इलाकों की नजर बनी हुई है और प्रशासन भी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.
अभी राहत की बात यही है कि गंगा चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन पानी घटने की रफ्तार थमने से पूरी तरह बेफिक्र होने की स्थिति भी नहीं है. खासकर दियारा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर बनाए रखने की जरूरत है.
