Buxar News: (बक्सर से प्रशांत कुमार राय की रिपोर्ट ) :
आत्मा के बैनर तले सदर प्रखंड के करमपुर पंचायत स्थित बलुआ गांव में खेत बचाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड कृषि पदाधिकारी अंकित कुमार, बीटीएम अजय कुमार सिंह, कृषि समन्वयक अमरेश कुमार, एटीएम रजनीश कुमार तथा किसान सलाहकार सत्येंद्र भारती ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे.
रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से प्रभावित हो रही मिट्टी की उर्वरता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी अंकित कुमार ने किसानों से संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है. फसल कटाई के बाद खेतों में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसकी पूर्ति गोबर की खाद, कंपोस्ट तथा फसल अवशेषों के उपयोग से की जा सकती है. उन्होंने बताया कि मिट्टी की संरचना और उसकी प्राकृतिक उर्वरक शक्ति को बनाए रखने के उद्देश्य से ही खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है.
ढैंचा और मूंग जैसी हरी खाद से बढ़ेगा मिट्टी में जैविक कार्बन
कृषि समन्वयक अमरेश कुमार ने किसानों को जैविक खाद के अधिक से अधिक उपयोग तथा ढैंचा और मूंग जैसी हरी खाद वाली फसलों के प्रयोग की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है और भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है. इसके प्रयोग से फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है और साथ ही किसानों की खेती लागत भी काफी कम होती है.
किसानों ने विभाग के सुझावों को अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों, मिट्टी स्वास्थ्य संरक्षण तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी. किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया. उपस्थित किसानों ने अभियान के उद्देश्यों की सराहना करते हुए अपने खेतों की उर्वरता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा बताए गए सुझावों को अपनाने का संकल्प लिया.
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