Buxar News : बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधारने और सरकारी स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग के दावों के बीच बक्सर जिले के चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंडों में प्रभार व्यवस्था सवालों के घेरे में है. चक्की के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार के पास ब्रह्मपुर का भी अतिरिक्त प्रभार है. ऐसे में दोनों प्रखंडों की शिक्षा व्यवस्था की निगरानी एक ही अधिकारी के जिम्मे है. अधिकारियों की तैनाती और प्रभार की इस व्यवस्था का असर शिक्षकों के प्रशासनिक कार्यों के साथ स्कूलों की मॉनिटरिंग पर भी पड़ने की बात कही जा रही है.
एक अधिकारी के जिम्मे दो प्रखंड, दूरी बनी चुनौती
चक्की के बीईओ जीतेंद्र कुमार का आवास डुमरांव में बताया जाता है, जो चक्की से करीब 20 किलोमीटर दूर है. वहीं उनके पास चक्की से करीब 20 किलोमीटर दूर ब्रह्मपुर का भी अतिरिक्त प्रभार है. दोनों प्रखंडों की जिम्मेदारी एक अधिकारी के पास होने के कारण नियमित रूप से दोनों क्षेत्रों में समय देना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा अधिकारी को कार्यालय और विद्यालयों की निगरानी के साथ शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है.
बीआरसी कार्यालय पहुंचते हैं शिक्षक, नहीं मिलते अधिकारी
शिक्षकों का आरोप है कि चक्की और ब्रह्मपुर के प्रखंड संसाधन केंद्रों में कई बार उन्हें अधिकारी के इंतजार में परेशान होना पड़ता है. वेतन, सेवा पुस्तिका और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को अधिकारी के नहीं मिलने पर दोबारा कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. इससे उनका समय भी प्रभावित होता है.
स्कूलों की मॉनिटरिंग पर उठ रहे सवाल
एक अधिकारी के पास दो प्रखंडों का प्रभार होने का असर विद्यालयों के नियमित निरीक्षण पर भी पड़ने की बात कही जा रही है. शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति और मध्याह्न भोजन जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण जरूरी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अधिकारी क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं तो स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी और सुधारात्मक कार्रवाई प्रभावित हो सकती है.
शिक्षकों और अभिभावकों में नाराजगी
प्रभार व्यवस्था को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में बेहतर मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक प्रखंड में पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था होनी चाहिए. उनका सवाल है कि एक ही अधिकारी को दो प्रखंडों की जिम्मेदारी देने से दोनों क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी कैसे संभव होगी.
अधिकारी बोले- दोनों प्रखंडों की व्यवस्था पर नजर
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जीतेंद्र कुमार ने कहा कि दोनों प्रखंडों की शिक्षा व्यवस्था का पूरा ख्याल रखा जाता है. शिक्षकों को जो भी समस्या होती है, उसे दूर करने का प्रयास किया जाता है.
