बक्सर से मृत्युंजय सिंह
Buxar Bijli Vibhag : बक्सर शहर की बिजली व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई जब रविवार देर रात एक बजे बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर औद्योगिक पावर हाउस पहुंच गए. तार जलने, फ्यूज उड़ने और बार-बार फॉल्ट की समस्या से परेशान लोगों का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिला. हालात ऐसे थे कि पूरे सिस्टम को संभालने के लिए मौके पर सिर्फ दो मिस्त्री ही मौजूद थे.
लोगों के मुताबिक, रात करीब एक बजे शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार बिजली खराबी की शिकायतें आ रही थीं. लेकिन इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल दो मिस्त्री-बबलू और गुलाब-ड्यूटी पर तैनात थे. कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कई उपभोक्ताओं को खुद अपनी गाड़ियों से मिस्त्रियों को लेकर फॉल्ट ठीक कराने जाना पड़ा, जिससे पावर हाउस परिसर में अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया. स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ नाराज उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित क्षेत्रों की बिजली बहाल नहीं होने देंगे.
राजस्व वसूली पर जोर, सुविधा पर नहीं
स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि एक तरफ कंपनी बिजली चोरी रोकने के लिए छापेमारी और एफआईआर करने में सक्रिय रहती है, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त कर्मचारी तक उपलब्ध नहीं हैं. लोगों का आरोप है कि कंपनी का फोकस सेवा से ज्यादा सिर्फ राजस्व वसूली पर है.
घटिया उपकरण भी बन रहे समस्या की वजह
उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तार, जंपर और ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता बेहद खराब है. भीषण गर्मी और बढ़े हुए लोड को ये उपकरण सहन नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते बार-बार फॉल्ट हो रहा है और सप्लाई बाधित हो रही है.
उपभोक्ताओं ने रखीं ये मांगें
आक्रोशित लोगों ने मांग की है कि रात्रि ड्यूटी में पर्याप्त संख्या में मिस्त्री और इंजीनियर तैनात किए जाएं. हर फीडर के लिए अलग मरम्मत टीम बनाई जाए, उच्च गुणवत्ता के उपकरण लगाए जाएं और शनिवार रात की स्थिति की समीक्षा के लिए पावर हाउस के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा और बिजली व्यवस्था पर भरोसा पूरी तरह खत्म हो सकता है.
