Buxar News : डुमरांव में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 24 अगस्त को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यक्रम नगर भवन में आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसकी जानकारी जदयू नेता रवि उज्जवल कुशवाहा ने दी है.
उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2019 को अरुण जेटली का निधन हुआ था और तब से हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया जाता है. इस बार भी डुमरांव में उनके योगदान को याद करते हुए विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक लोग भी मौजूद रहेंगे.
नगर भवन में होगा मुख्य कार्यक्रम
रवि उज्जवल कुशवाहा ने बताया कि श्रद्धांजलि सभा का आयोजन डुमरांव नगर भवन में किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन, कार्य और देश के लिए किए गए योगदान को याद किया जाएगा. लोगों को उनके विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश भी दिया जाएगा.
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर स्वर्गीय अरुण जेटली को श्रद्धांजलि दें.
देश के बड़े नेताओं में थी गिनती
रवि उज्जवल ने कहा कि अरुण जेटली देश के एक बड़े और प्रभावशाली नेता थे. वे न केवल एक कुशल राजनेता थे बल्कि एक जाने-माने वकील और अर्थशास्त्री के रूप में भी उनकी पहचान थी. राजनीति और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान काफी अहम रहा.
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 2014 से 2019 तक अरुण जेटली ने वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के रूप में काम किया. इससे पहले अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में उन्होंने रक्षा और कानून मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी.
आर्थिक सुधारों में निभाई अहम भूमिका
अरुण जेटली के कार्यकाल में कई बड़े आर्थिक फैसले लिए गए, जिनका असर आज भी देश की अर्थव्यवस्था में देखा जाता है. जीएसटी और दिवालियापन संहिता जैसे महत्वपूर्ण सुधार उनके कार्यकाल में लागू किए गए, जिससे देश की आर्थिक व्यवस्था को नई दिशा मिली.
उनके फैसलों ने व्यापार और उद्योग जगत में पारदर्शिता और मजबूती लाने का काम किया.
पद्म विभूषण से किया गया सम्मानित
रवि उज्जवल कुशवाहा ने बताया कि अरुण जेटली के योगदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत वर्ष 2020 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें लोक मामलों में उनके विशेष योगदान के लिए दिया गया.
लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे 24 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर स्वर्गीय अरुण जेटली को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के जरिए हम महान नेताओं को याद करते हैं और उनके विचारों से सीखने का अवसर मिलता है.
