डुमरांव से निर्दलीय प्रत्याशी ने दाखिल किया नामजदगी का पर्चा, राजपुर व ब्रह्मपुर सीट का नहीं खुला खाता

विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन नाम निर्देशन-पत्र दाखिल करने में तेजी नहीं आ रही है.

बक्सर. विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन नाम निर्देशन-पत्र दाखिल करने में तेजी नहीं आ रही है. आलम यह है कि मंगलवार को डुमरांव सीट के लिए मात्र एक नामांकन दाखिल हुआ. एक दिन पूर्व बक्सर सीट के लिए एक निर्दल अभ्यर्थी ने नामांकन-पत्र जमा किया था. इस तरह जिले की चार विधानसभा सीटों में से बक्सर व डुमरांव सीट के लिए एक-एक नामांकन दाखिल किया गया है. जबकि ब्रह्मपुर एवं राजपुर सीट के लिए नामांकन का अभी तक खाता भी नहीं खुला है. डुमरांव के निर्वाची पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में प्रमिला देवी का नामांकन-पत्र प्राप्त हुआ है. प्रमिला चौसा प्रखंड के न्यायीपुर निवासी रामप्रवेश सिंह की पत्नी है. जाहिर है कि 10 अक्तूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और नामांकन जमा करने की आखिरी तिथि 17 अक्तूबर निर्धारित है. नामांकन के लिए निर्वाची पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में बैठे अभ्यर्थियों के पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन तय अवधि तीन बजे तक एक भी अभ्यर्थी नहीं गये. इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एक नामांकन दाखिल करने की कवायद हुई, लेकिन आधा-अधूरा कागजात रहने के कारण नाम निर्देशन-पत्र जमा नहीं कर पाये. नामांकन के लिए तीन दिन शेष प्रथम चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्तूबर है. ऐसे में अब मात्र तीन दिन शेष रह गया है. नामांकन-प्रपत्र खरीदने वालों की लंबी फेहरिस्त भी है, सो तीन दिनों में ही नामांकन दाखिल करना होगा. इसके चलते निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में नामांकन करने वालों की भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है. गौरतलब है कि बक्सर सीट के लिए सबसे अधिक कुल 18 नाजीर रसीद कटाये गये हैं. जबकि डुमरांव सीट के लिए 13, ब्रह्मपुर सीट के लिए 09 एवं राजपुर सुरक्षित सीट के लिए अभी तक 07 एनआर कटाकर नामांकन फार्म खरीदे गये हैं. सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था निर्वाची पदाधिकारियों के कार्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हो सके. कार्यालय परिसर में पहुंचने से पहले ड्रॉप गेट बने हैं, जहां पुलिस के जवान मुस्तैद किए हैं. इसके अलावा कार्यालय परिसर में प्रवेश द्वार पर भी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं जवान प्रतिनियुक्त हैं, जो अभ्यर्थी के लिए सीमित लोगों को ही अंदर प्रवेश दे रहे हैं.

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By AMLESH PRASAD

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