हाइकोर्ट ने भू-अर्जन पदाधिकारी को कोर्ट में उपस्थित करने के लिए एसपी को दिया आदेश
डीएलएओ को अवमानना के मामले में कोर्ट ने पाया दोषी
बक्सर कोर्ट.
जिला भू अर्जन पदाधिकारी बक्सर को उच्च न्यायालय ने अवमानना के मामले में दोषी पाया है. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रथम दृष्टिया जिला भू अर्जन पदाधिकारी घोर अवमानना का दोषी पाये गये हैं. ऐसे में बक्सर एसपी को आदेश दिया जाता है कि उक्त अधिकारी की शारीरिक उपस्थिति अगली तिथि पर सुनिश्चित करें. आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी के माध्यम से भू अर्जन पदाधिकारी को भी प्रेषित किया गया है. बताते चलें कि मामला बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट से संबंधित है, जहां पूर्व में आवेदक ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगायी थी की मुआवजे की राशि जमीन के विक्रेता के नाम से जारी की गयी है. जबकि जमीन को आवेदक ने पूर्व में ही खरीद लिया था. रीट आवेदन की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय द्वारा भू अर्जन पदाधिकारी को सही आदेश पारित करने को कहा गया था, लेकिन उनके द्वारा आदेश का अनुपालन करने में असमर्थता जतायी गयी थी. बाद में आवेदक ने अवमानना संबंधित केस नंबर 3590 /2024 दाखिल किया था, जिसकी सुनवाई पिछले दिनों की गयी थी. जहां न्यायालय ने आदेश का पालन न करने के लिए कारण बताओं नोटिस जारी किया था. इस संबंध में अधिवक्ता राजीव रंजन पांडे ने बताया भू अर्जन पदाधिकारी को 15 दिनों में स्पष्टीकरण देना था लेकिन संबंधित अधिकारी मौन बने रहे. उच्च न्यायालय इसे अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए घोर अवमानना कहा है साथ ही एसपी बक्सर को आदेशित किया है कि संबंधित अधिकारी की शारीरिक उपस्थिति अगले तिथि को सुनिश्चित करें.