बक्सर : जिला नियोजनालय में बेरोजगारों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने वालों को थोड़ा चौकन्ना रहना पड़ेगा. क्योंकि नियोजनालय से मिलने वाली नौकरी का लाभ वही लोग ले पाते हैं, जिन्होंने पूर्व में मिले नियोजन कार्ड को समय से पूर्व नवीनीकरण कराया हो.
नियोजनालय से मिली जानकारी के अनुसार तीन वर्ष के लिए नियोजन कार्ड बनता है, जिन्हें समय से नवीनीकरण नहीं कराये जाने के बाद कार्ड मृत हो जाता है. ऐसे में अभ्यर्थियों को पुन: नियोजनालय में बेरोजगारों की सूची में नाम दर्ज कराना पड़ता है.
यदि अभ्यर्थी अपने कार्ड को तीन साल से पूर्व लगातार नवीनीकरण कराने में सफल रहा तो, उसके कार्ड को सीनियर कार्ड माना जायेगा और सीनियर कार्डधारियों को ही विभिन्न पदों के लिए सरकारी व निजी जगहों पर नियोजनालय के माध्यम से स्थान मिल पाता है. विभाग के अनुसार अभी लगभग 30 हजार अभ्यर्थियों ने नियोजनालय में अपना नाम दर्ज कराया है.
इसमें नवीनीकरण कराये गये अभ्यर्थी भी शामिल हैं. विभाग ने बताया कि नवीनीकरण कराने के लिए अभ्यर्थियों में लापरवाही बरती जाती है. नियोजनालय में नाम दर्ज कराने वाले केवल पांच प्रतिशत अभ्यर्थी ही अपने कार्ड का नवीनीकरण करा पाते हैं.
ऐसे में अपने कार्ड का नवीनीकरण नहीं कराने वालों को नियोजनालय से कोई लाभ नहीं मिल पाता है और वे नियोजनालय के माध्यम से मिलने वाली नौकरी से भी हाथ धो बैठते हैं. इस संबंध में लिपिक राम प्रकाश ने बताया कि नियोजन कार्ड का नवीनीकरण कम ही छात्र करा पाते हैं. ऐसे में जो छात्र कार्ड का नवीनीकरण लगातार कराते हैं, उन्हें ही सीनियर कार्ड प्राप्त होता है. इसके जरिये उन्हें नियोजनालय के माध्यम से दी जानेवाली नौकरी में प्राथमिकता दी जाती है.
