आरोपितों को चिह्नित करने में जुटी पुलिस, गिरफ्तारी के लिए कर रही छापेमारी
बक्सर/चौगाईं : मरीज की मौत के बाद पीएचसी में हुई तोड़फोड़ और हंगामा की घटना के बाद रविवार को 60 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस तोड़फोड़ और हंगामा करनेवाले लोगों को चिह्नित करने में जुटी हुई है. वहीं, डर से डॉक्टर भी अब पीएचसी में आने से कतराने लगे हैं.
विदित हो कि नौ सितंबर शुक्रवार के दिन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रघुनाथपुर के ग्रामीणों ने मेन गेट में ताला बंद कर जम कर हंगामा किया था, जिससे पीएचसी में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया था. ओपीडी सेवा को भी बंद कर दिया गया. फिर दो दिन बाद आक्रोशित पीएचसी में पहुंच कर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर चिकित्सक के खिलाफ जमकर नारेबाजी किये थे. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुरार थाने में 60 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
इसके पहले भी वर्ष 2015 में चौगाईं गांव के लोगों ने पीएचसी में तोड़फोड़ की थी, जिससे एक माह के लिए पीएचसी को बंद कर दिया गया था. इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि काम करने में चिकित्सकों को अब भय लगने लगा है. इस परिस्थिति में चिकित्सक काम नहीं कर सकते हैं.
हरहाल में उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई : थानाध्यक्ष पीएचसी में तोड़फोड़ करनेवाले और बेवजह सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर 60 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि लोगों को चिह्नित करने का कार्य किया जा रहा है. कानून को अपने हाथ में लेनेवाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
