स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद चिकित्सकों की कमाई पर लगायी थी रोक
बक्सर : ईमानदार जुझारूपन का मिसाल, कठोर हृदय व अपने निर्णय से कभी नहीं डिगनेवाले मंत्री व सांसद स्व. लालमुनि चौबे का जीवन सादगीपूर्ण तरीके से बीता.अपनी ईमानदार छवि के कारण ही राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र के विरोधियों के बीच भी सम्मान पाते थे. 1977 में जनता पार्टी के सरकार में चौबे स्वास्थ्य मंत्री बने और सरकारी चिकित्सकों के ऊपर एक निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगा दिया. यह आदेश उस वक्त पारित किया,
जब चिकित्सक अस्पतालों में अपनी सेवा की बजाय निजी प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान देते थे. इस आदेश का स्वास्थ्य जगत में पुरजोर विरोध हुआ. बावजूद लालमुनि चौबे अपने फैसले पर अडिग रहे. चिकित्सकों ने इस फैसले का अंतत: विरोध करते रहे पर कर्मठ एवं अपने फैसले पर हमेशा अडिग रहनेवाले चौबे अपने फैसले से पीछे नहीं हटे. बाद में राजनीतिक परिवर्तन होने से यह आदेश फीका पड़ गया और आज पूरे राज्य के चिकित्सक अस्पतालों में सेवा देने की बजाये अपने निजी प्रैक्टिस में मशगूल हैं. वहीं, इस आदेश का आम जनता में काफी सराहना की.
