बक्सर : सांसद लालमुनि चौबे के साये की तरह साथ रहनेवाले डुमरांव के पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय नारायण भारती हमेशा उनके साथ रहा करते थे. उनकी कई बेटियों की शादी में उनके गांव में उन्होंने भागीदारी निभायी थी. विधानसभा सत्र के दौरान टेबल पर एक साथ खाने का और पार्टी के नजरिये से अलग हट कर साथ निभाने वाले श्री भारती आज भी उनकी यादें लेकर हर कुछ कहना चाहते हैं. हालांकि चौबे से वे इतने प्रभावित थे कि कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा का भी दामन थाम लिया.श्री भारती कहते हैं कि राजनीति में ईमानदार और चरित्रवान आदमी का अंत होता जा रहा है.
लिट्टी-चोखा, गुड़-घी के साथ उनका नाता था. विधानसभा में 80 से 85 तक कांग्रेस के विधायक रहे और चैनपुर से लालमुनि चौबे भाजपा से विधायक थे,मगर विधानसभा सत्र के दौरान दोनों साथ खाना खाते थे. विधानसभा अध्यक्ष हरिनाथ मिश्रा उन दिनों इनके ईमानदारी की चर्चा किया करते थे. एक बार जब विधायकों की सुविधा बढ़ाने की बात चली, तो उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि पूरे विधानसभा में लालमुनि ही एक ईमानदार नजर आता है.पुरानी यादें ताजा करते हुए श्री भारती ने कहा कि लोक नायक जयप्रकाश नारायण तक को लालमुनि ने कह दिया था कि सिर्फ आप ही ईमानदार नहीं हैं और भी जनप्रतिनिधि ईमानदार हैं. अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे, तो सबसे करीबी लालमुनि चौबे ही थे. जब वाजपेयी जी ने चौबे से यह कहा कि केंद्रीय मंत्री बना देते हैं चाहे जिस विभाग का बन जाओ, इस पर लालमुनि चौबे ने वाजपेयी से कहा था कि मेरा कद केंद्रीय बना कर छोटा करना चाहते हैं. अभी तो हम प्रधानमंत्री के साथ हैं और प्रधानमंत्री जैसे हैं. केंद्रीय मंत्री बन कर छोटा हो जाऊंगा. ईमानदारी लालमुनि चौबे में कूट-कूट कर भरी थी . बेटियों की शादी दो बीघा जमीन बेच कर दिये थे. गरीबी झेलते थे, पर ईमानदारी नहीं छोड़ी. दो बार एमपी एक व्यक्ति के बनने का बक्सर में रिकॉर्ड रहा है, मगर लालमुनि चौबे ने चार बार सांसद बन कर यह रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था. ऐसे सांसद जो बॉडीगॉर्ड लेकर नहीं चलते थे, बल्कि बॉडीगॉर्ड कहीं और रहता था और वे कहीं और रहते थे. बीएचयू में शिक्षा लेने के दौरान बीएचयू छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में लालमुनि चौबे लोकप्रिय हो गये थे और इन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को कई बार बीएचयू परिसर में बुला कर मीटिंग की थी. वर्तमान रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा इनके प्रिय में एक हैं.
