जासो मोड़ बना जलजमाव मोड़
जासो मोड़ से होकर दर्जनों जगहों के लिए वाहन प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गुजरते हैं,लेकिन इस सड़क की ऐसी दशा हो गयी है कि लोग अब इसे जासो मोड़ न कह कर जलजमाव मोड़ के नाम से जाननेलगे हैं.
बक्सर : गोलंबर स्थित जासो मोड़ और डुमरांव अनुमंडल के सरैया डुमरांव, नावानगर, मलियाबाग, रोहतास समेत विभिन्न क्षेत्रों में जाने का एक मात्र मार्ग सड़क की हालत जलजमाव से नारकीय हो गयी है. जासो मोड़ पर सालों भर जलजमाव की समस्या रहती है. मोड़ के बाद अंदर बेहतर स्थिति रहती है, मगर मोड़ पर पानी से उसकी हालत भी जर्जर रहती है.
आसपास के दुकानदारों को न सिर्फ सड़क की खराबी से व्यवसाय पर भी बुरा असर झेलना पड़ता है. उस क्षेत्र के दुकानदारों के पास ग्राहक जाने की बजाय अन्यत्र खरीदारी कर लेते हैं. क्योंकि वहां जलजमाव से गाड़ी की पार्किंग से लेकर कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती है. इस क्षेत्र से डुमरांव, नावानगर तथा भोजपुर, जगदीशपुर समेत कई क्षेत्रों की बसें गुजरती हैं और टेंपो भी लगातार चलती रहती हैं.बोक्सा एवं भसौली के लिए तो टेंपो रातों भर मिलता है.
मगर दुर्भाग्य है कि जासो का प्रवेश मार्ग ही जर्जर और सालों भर जलमग्न रहने से लोगों को भारी परेशानी होती है. इस क्षेत्र में रहनेवाले लोग पिछले दिनों सड़क जाम करने और आंदोलन करने का मन बना चुके थे,मगर अनुमंडलाधिकारी के समझाने और मामला सलटाने का आश्वासन के बाद मामला टल गया.स्थिति यह है कि आज भी इस मार्ग से गुजरना मुश्किल है. स्थानीय लोगों की मानें, तो प्रतिदिन आठ से बारह लोग बाइक अथवा साइकिल सवार गिरते हैं, जिन्हें उठाने के लिए स्थानीय दुकानदारों को पहल करनी पड़ती है.
सांसद व िवधायक िसर्फ देते हैं आश्वासन
सांसद अश्विनी कुमार चौबे और विधायक मुन्ना तिवारी ने भी इस समस्या का निदान करने का आश्वासन दिया है. सांसद ने कहा है कि पहले इस सड़क के दोनों ओर नाले का निर्माण होगा. हालांकि राशि अभी नहीं मिली है. इस क्षेत्र में जलजमाव की समस्या के कारण जल निकासी का न होना है.गोलंबर से लेकर ब्रह्म स्थान तक सड़क बनाने का आश्वासन सांसद ने दिया है. यह सड़क पूर्व में आरइओ द्वारा चार साल पहले बनायी गयी थी और अभी भी उस एजेंसी को मरम्मत कराना चाहिए. उस समय उत्तरप्रदेश के संवेदक ने यह सड़क बनायी थी.
क्या कहते हैं अधिकारी
ग्रामीण कार्य विभाग बक्सर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जय कुमार ने कहा कि पीडब्लूडी का मेन रोड इस लिंग रोड से काफी ऊंचा है. बरसात के समय या अन्य समयों में पानी गिरता है, तो तेज बहाव के साथ इस लिंग रोड में प्रवेश कर जाता है. चूंकि यह लिंक रोड बहुत पुराना रोड है, जिसका विगत चार साल पहले मेंटनेंस किया गया था, किंतु मेंटनेंस के बाद सड़क के आसपास जो भी नये भवन बने उसका लेवल ऊंचा हो गया है.
उनके घरों के नाले का पानी सड़क पर ही गिरता है, जिससे सड़क पर जलजमाव बना रहता है.अब सड़क को मेंटनेंस की बजाय पुन: कार्य कराने के बाद ही इस समस्या का समाधान होगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोड काफी लंबा है. इतनी दूरी को बनाने के लिए फंड नहीं है यदि किसी निधि से 300 मीटर के लिए फंड मिल जाय, तो समस्या खत्म हो सकती है.
