किसानों की मेहनत पर ''पानी''

बूंदाबांदी से लौट आयी ठंड. फसलों को नुकसान, आम के मंजरों पर भी आफत मैट्रिक परीक्षार्थियों को भी हुई परेशानी दलहन फसलों पर हुआ वज्रपात बक्सर : लगातार तीन दिनों से पश्चिमी विक्षेभ के कारण आसमान में छाये बादल और रूक-रूक कर हो रही बूंदाबांदी के साथ बह रही पछुआ हवा के चलते ठंड लौट […]

बूंदाबांदी से लौट आयी ठंड. फसलों को नुकसान, आम के मंजरों पर भी आफत
मैट्रिक परीक्षार्थियों को भी हुई परेशानी
दलहन फसलों पर हुआ वज्रपात
बक्सर : लगातार तीन दिनों से पश्चिमी विक्षेभ के कारण आसमान में छाये बादल और रूक-रूक कर हो रही बूंदाबांदी के साथ बह रही पछुआ हवा के चलते ठंड लौट आयी है. वहीं, सोमवार की सुबह से ही रूक-रूक कर हुई बरसात किसानों के लिए आफत बन गयी है. इस बारिश से दलहनी एवं तेलहनी फसलों को नुकसान तो हुआ ही है.
साथ ही तेज हवाओं के झोंकों के चलते गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है. मसूर, माघी सरसों की फसल की चल रही कटाई और मड़ाई बिन मौसम के बरसात से ठप पड़ गयी है. खेतों में खड़ी इन फसलों के सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है. बारिश संग तेज हवा से बाल उग आये गेहूं की फसल के लोट जाने से कम पैदावार होने की आशंका से अन्नदाता मायूस हो उठे हैं.
बारिश ने बिगाड़ा नगर का हाल
बक्सर में बिना मौसम के बरसात से नगर का जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया. सोमवार की सुबह से ही कभी तेज, तो कभी हल्की बारिश रूक-रूक कर हो रही है, जिससे नगर की सड़कों तथा गलियों में कीचड़ तथा जलजमाव हो गया है. कीचड़ और जलजमाव के चलते आवश्यक कार्यों के लिए शहर आने जानेवाले लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है.
पैदल सड़क से गुजर रहे राहगीरों के पांव तो कीचड़ से सन ही जा रहे हैं. वहीं, बगल से गुजर रहे वाहनों के टायर से उड़ कर पड़नेवाले कीचड़ के छींटों से पैदल यात्रियों के कपड़े भी खराब हो रहे हैं. स्कूलों में चल रही छुट्टियों के कारण बच्चों की चहल-पहल सड़कों पर कम है, लेकिन चल रही मैट्रिक की परीक्षा के कारण परीक्षार्थियों के लिए बरसात मुसीबत से कम साबित नहीं हुई.
परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों तक भींगते और कीचड़ भरे रास्ते से पहुंचने को मजबूर हुए. नगर के ऐतिहासिक रामरेखा घाट स्नानार्थी तथा पूजा-पाठ को जानेवाले श्रद्धालुओं को भी बरसात के चलते कीचड़ से सनी सड़कों पर फिसलन होने के कारण भारी परेशानी हुई. बारिश के कारण अन्य दिनों की अपेक्षा बाहर के ग्राहकों के नहीं आने के कारण नगर के व्यवसाय पर भी खराब असर पड़ा.
फल उत्पादक किसान परेशान
मौसम में आये बदलाव के कारण फल उत्पादक किसान परेशान हो गये हैं.अभी आम के पेड़ों में मंजर लगे हैं और टिकोले लगनेवाले हैं. तेज आंधी और पानी से उन मंजरों को सीधा नुकसान होगा.
फल उत्पादक किसान मौसम के बदलाव से परेशान हैं. किसानों का कहना है कि इस बार काफी मंजर अच्छा आया है और आम का उत्पादन भी पिछले वर्ष की अपेक्षा अच्छी होगी, मगर आंधी-पानी का सिलसिला चलता रहा, तो लगे मंजर बरबाद हो जायेंगे और 40 से 60 फीसदी आम का उत्पादन कम हो जायेगा, जिससे उत्पादकों को परेशानी होगी और साथ ही साथ जिलावासियों को मीठे रसीले आम से भी वंचित होना पड़ेगा.

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