फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन का दो दिवसीय सम्मेलन इस संकल्प के साथ संपन्न हुआ कि जन वितरण दुकानदार को सरकारी सेवक का दर्जा मिले, जिसकी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गयी है. अगर यह मांग पूरी नहीं होगी, तो मई, 2016 में जनवितरण दुकानदारों का पूरे देश में आंदोलन शुरू होगा. बिहार के साथ-साथ उत्तरप्रदेश के भी दुकानदार इस सम्मेलन में शामिल हुए.
बक्सर : फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन का दो दिवसीय सम्मेलन किला मैदान के रामलीला मंच पर रविवार को संपन्न हो गया, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष वीसी कटारिया ने कहा कि जनवितरण दुकानदारों को सरकारी सेवक का दर्जा मिलना चाहिए और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने आग्रह भी किया है.
अगर सरकारी सेवक का दर्जा देने पर केंद्र सरकार ने विचार नहीं किया, तो मई महीने में पूरे देश में जनवितरण दुकानदारों का आंदोलन किया किया जायेगा और इसके लिए जनवितरण दुकानदार आरपार की लड़ाई लड़ेंगे. सम्मेलन के समापन पर नवनिर्वाचित प्रदेश महामंत्री श्रीकांत लाभ ने कहा कि बिहार में सरकारी सेवक की लड़ाई पहले से लड़ी जा रही है और अब संगठन उग्र होकर आंदोलन करेगा.
जनवितरण दुकानदार सरकार की महत्वपूर्ण खाद्यान्न योजना के सबसे मजबूत कड़ी हैं और सरकार को इनकी मांगे मान लेनी चाहिए. मौके पर बिहार के संगठन मंत्र मो. असलम ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए एक नयी कमेटी बना दी गयी है, जो आंदोलनों को नयी दिशा देगी. राष्ट्रीय सचिव देवन रजक ने कहा कि विक्रेता मान सम्मान की लड़ाई के लिए तैयार रहें. क्योंकि उनके लिए यह सिर्फ रोजी-रोटी की लड़ाई नहीं.कार्यक्रम का संचालन संगठन मंत्री सह सचिव सच्चिदानंद उपाध्याय ने कहा कि सरकार से मांगें लेने के लिए यह जरूरी है कि जन वितरण दुकानदार अपनी एकता बनायें रखें.दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण चौबे ने कहा कि जनवितरण दुकानदारों के आंदोलन में बक्सर के दुकानदार अग्रणी की भूमिका में रहेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घेराव में बक्सर से बड़ी संख्या में दुकानदार जायेंगे.
इस मौके पर जिला प्रवक्ता हीरालाल वर्मा ने सभी आंगतुक अतिथियों को सम्मान दिया. सम्मेलन में बलिया जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि उत्तरप्रदेश में भी जनवितरण दुकानदारों के आंदोलन को पूरी ताकत दी जायेगी और बिहार की लड़ाई के साथ-साथ यूपी के दुकानदार भी रहेंगे दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर शिव चरण सिंह, रमेश सिंह, विनोद पांडेय, प्रमोद सिंह, राम सिगार सिंह, चंद्रदेव सिंह, आदि शामिल थे.
