भगवान भरोसे बैंक ऑफ इंडिया

बक्सर,कोर्ट : इसे अपराधियों की मेहरबानी कहें या चांस की बात, जो अब तक बैंक ऑफ इंडिया बक्सर शाखा सुरक्षित है. पिछले हफ्ते अगर बैंक लूट की घटनाओं पर नजर डालें, तो बिहार में ताबड़तोड़ कई बैंक डकैती की घटनाएं हुई हैं. आश्चर्यजनक है कि विगत तीन वर्षों में बैंक ऑफ इंडिया के हथियार का […]

बक्सर,कोर्ट : इसे अपराधियों की मेहरबानी कहें या चांस की बात, जो अब तक बैंक ऑफ इंडिया बक्सर शाखा सुरक्षित है. पिछले हफ्ते अगर बैंक लूट की घटनाओं पर नजर डालें, तो बिहार में ताबड़तोड़ कई बैंक डकैती की घटनाएं हुई हैं. आश्चर्यजनक है कि विगत तीन वर्षों में बैंक ऑफ इंडिया के हथियार का लाइसेंस लालफीताशाही में फंस कर अब तक नहीं बन पाया है.

बक्सर बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में प्रत्येक दिन करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जाता है. इसके साथ ही एटीएम के लिए कैश भी भेजा जाता है या बैंक के रुपयों को मुख्य शाखा खगौल को भी जाता है. ऐसे में बैंक का सुरक्षा कर्मी हथियार के साथ कैश वाहन में बाहर चला जाता है. जबकि बैंक का दूसरा सुरक्षा कर्मी निहत्थे बैंक की सुरक्षा में लगा रहता है.

गौरतलब हो कि जिला शस्त्र दंडाधिकारी द्वारा 24 अप्रैल 2015 को ही इस मामले की सुनवाई की गयी थी. उसके बाद फिर बैंक की शस्त्र संबंधित फाइल अधिकारियों के टेबल दर टेबल घूमने लगी.

क्या कहता है सुरक्षा कर्मी : सुरक्षा कर्मी रामनाथ गुप्ता ने बताया कि खाली हाथ बैंक का सुरक्षा करना असंभव है तथा लाइसेंस के लिए वे व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं. इस संबंध में बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि बैंक की सुरक्षा के लिए तत्काल हथियार की आवश्यकता है.

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