बक्सर : कटहिया पुल और नाथ बाबा के पास बने पुलों को चौड़ा करने को लेकर दोनों पुलों के निकट बनाये जा रहे डायवर्सन का काम धीमी गति और आने वाली बाधाओं के कारण कई महीनों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. इन डायवर्सनों के बनने के बाद पुराने पुल को तोड़ने का काम शुरू किया जायेगा.
और तब जाकर निर्माण कार्य शुरू होगा. जानकारी के अनुसार इस काम के लिए करीब तीन महीने पहले काम शुरू कराया गया. और डायवर्सन भी लगभग बनकर तैयार हो गया. डायवर्सन के ठीक सामने पड़ने वाले बिजली के खंभे के कारण डायवर्सन से यातायाता शुरू नहीं हो सका. बिजली के खंभे को हटाने के लिए नगर पर्षद की ओर से बिजली विभाग को भी लिखा गया.
और जिलाधिकारी को भी इस मामले से अवगत कराया गया. बावजूद इसके मामला नहीं सलटा और पोल अपने स्थान पर बना रह गया. जिसके कारण अब तक डायवर्सन कटहिया पुल के पास चालू नहीं हो सका है. इसी तरह नाथ बाबा मंदिर के पास भी डायवर्सन बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. पुल के पास पाइप डाला जा चुका है और मिट्टी की भराई का काम बचा हुआ है.
जिसमें 15 दिनों से अधिक का समय लग सकता है.प्रशासन को करनी पड़ी कड़ी मशक्कतकटहिया पुल और नाथ बाबा पुल को तोड़े जाने को लेकर काफी लंबा विवाद जिला प्रशासन को झेलना पड़ा. पुल के समीप बने नगरपालिका के दुकानदारों ने व्यापक विरोध जताया. और पुल को तोड़ने के पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की.
बाद में पुल तोड़ने से पहले बनने वाले डायवर्सन को लंबा बना कर दुकानों को बचाने का निर्णय लिया गया जिसके बाद डायवर्सन का निर्माण शुरू हो सका.
और विवाद खत्म हुआ. आठ करोड़ से बनेंगे दोनों पुलज्ञात हो कि कटहिया पुल के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए चार करोड़ रुपये का व्यय होना है. जबकि नाथ बाबा के समीप बने पुल के लिए पौने चार करोड़ की राशि स्वीकृत है. दोनों पुलों के डायवर्सन बनने के बाद पुलों को तोड़ने का काम शीघ्रता से शुरू किया जायेगा. निर्माण कार्य में लगी एजेंसी युद्धस्तर पर काम कर रही है.
यातायात में बाधा बना बिजली का खंभाडायवर्सन बनने के बाद कटहिया पुल के समीप लगे बिजली के खंभे से करीब एक महीने तक व्यवधान आ गया. सवाल उठा कि पोल हटाने का खर्च का भुगतान कैसे होगा? एक पोल हटाने के लिए बिजली विभाग ने लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता जिसमें महीनों लग सकते थे.
इसलिए पोल से दूर डायवर्सन को पश्चिम की तरफ निकालने के स्थान को ही थोड़ा और दूर कर दिया गया. भले ही इसमें खर्च में बढ़ोतरी जो जाय और काम जल्दी हो जाय. फाइबर केबल व जलापूर्ति पाइप बनी समस्याकटहिया पुल में बीएसएनएल का केबल पाइप भी डाला गया है. जिसके कारण निर्माण कार्य के लिए पुल के तोड़े जाने पर केबल को अन्यत्र ले जाना होगा.
जिसमें एक्सचेंज से जाने वाले पूर्वी छोर के सभी कनेक्शन बाधित हो सकते हैं. इसी तरह कटहिया पुल पर पीएचइडी का पानी का पाइप भी गुजरता है जिसके तोड़ने पर जलापूर्ति में भी बाधा आ सकती है. फिलहाल इन दोनों विभागों की ओर से काम की प्रगति शून्य है. हालांकि इन दोनों विभागों के अधिकारियों ने पथ निर्माण विभाग को आश्वस्त किया है कि उनको काम में कोई बाधा नहीं आयेगी.
और कटहिया पुल तोड़े जाने से पहले ये दोनों विभाग अपनी-अपनी ओर से व्यवस्था कर लेंगे.क्या कहते हैं अधिकारीकटहिया पुल और नाथ बाबा पुल के समीप डायवर्सन का काम नहर में पानी आने के कारण थोड़ा बाधित हुआ था. अब कोई परेशानी नहीं है, एक सप्ताह के अंदर कटहिया पुल के समीप का डायवर्सन चालू कर दिया जायेगा.
नाथ बाबा के समीप बन रहे डायवर्सन को मिट्टी भराई कर यथाशीघ्र पूरा किया जायेगा.कटहिया पुल से केबल हटाने के लिए बीएसएनएल व जलापूर्ति पाइप हटाने के लिए पीएचइडी को कहा गया है. निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा. अनिल कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता,पथ निर्माण विभाग
