नाजायज संबंध का विरोध करने पर की गयी थी हत्या, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ने सुनाया फैसला
बक्सर, कोर्ट : बक्सर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम एके श्रीवास्तव ने हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए डिहरी राजपुर के रहनेवाले मुन्ना चौधरी, सुनील चौधरी एवं वीरेंद्र चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.
मामला वर्ष 2012 का है. जब बिंदा देवी को बुरी तरह जली हालत में पुलिस के पास लायी गयी थी. पुलिस के समक्ष बिंदा देवी ने अपना फर्द बयान दिया था कि उसके पति सुनील चौधरी, देवर मुन्ना चौधरी एवं वीरेंद्र चौधरी ने मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया है. बिंदा देवी ने मरने से पहले पुलिस को बताया था कि उसके पति सुनील चौधरी का नाजायज संबंध उसके भाभी के साथ है, जिसका वो विरोध करती थी.
इसी के कारण उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया गया है. बुरी तरह से जली अवस्था में बिंदा देवी को पहले इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल लाया गया. बाद में पीएमसीएच भेजा गया, लेकिन अत्यधिक जल जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे इलाज से परे पाया, ऐसे में उसे वापस भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गयी.
मामले में सभी गवाहों का न्यायालय द्वारा गवाही ले गयी तथा अभियुक्तों को हत्या के जुर्म में दोषी पाया गया, जिसके बाद न्यायालय द्वारा तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनायी गयी. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर एक माह का साधारण कारावास से गुजरना पड़ेगा. मामले में सरकार की ओर से अधिवक्ता सरिता सहाय ने बहस में हिस्सा लिया.
