नावानगर (बक्सर) . स्थानीय प्रखंड के रूपसागर गांव के समीप काव नदी के नहर पुल पर बना बांध का एक किनारा शुक्रवार की सुबह पानी के दबाव के कारण टूट कर बह गया. नहर का बांध टूटने के कारण नावानगर प्रखंड के 20 गांवों के लगभग एक हजार एकड़ में सिंचाई को लेकर संकट उत्पन्न हो गया है. किसानों का कहना है कि नहर पुल का बांध टूटने से इस बार रबी फसल की सिंचाई नहीं हो पायेगी. उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों के जमाने में भोजपुर नहर लाइन पर रूपसागर के पास काव नदी के ऊपर दोनों किनारों को जोड़ कर नहर का निर्माण कराया गया था जिसका एक किनारा दो साल पूर्व रेत जमा होने के कारण टूट कर नदी में गिर गया था. इस नहर से दर्जनों गांवों के हजार एकड़ फसल का पटवन होता है. पिछले साल स्थानीय विधायक दाऊद अली के प्रयास से नहर विभाग ने 10 लाख की लागत से कामचलाऊ निर्माण कराया था, ताकि किसानों के खेतों की सिंचाई हो सके,लेकिन प्रकृति के आगे किसानों का अरमान पानी में बह गया. विभाग का कहना है कि भारी बारिश के कारण नहर में पानी का दबाव बढ़ने से नहर पुल के बांध का एक किनारा टूट कर तेज धारा में बह गया. इस संबंध में रूपसागर पंचायत के मुखिया पंकज सिह ने बताया कि निर्माण में भारी अनियमितता हुई थी जिसके कारण बांध का भाग पानी का दबाव नहीं ङोल पाया और टूट कर तेज धारा में बह गया. उन्होंने कहा कि अब इसका निर्माण संभव नहीं है. अब हजारों एकड़ जमीन बंजर हो जायेगी. इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि भरत मिश्र ने बताया कि बड़ा बजट होने के चलते विभाग ने प्राक्कलन प्रधान सचिव के पास भेजा है. अधीक्षण अभियंता ने बताया कि रबी फसल के पटवन होने से पहले इसे फिर से चालू करा दिया जायेगा.
नहर पुल का बांध टूटा
नावानगर (बक्सर) . स्थानीय प्रखंड के रूपसागर गांव के समीप काव नदी के नहर पुल पर बना बांध का एक किनारा शुक्रवार की सुबह पानी के दबाव के कारण टूट कर बह गया. नहर का बांध टूटने के कारण नावानगर प्रखंड के 20 गांवों के लगभग एक हजार एकड़ में सिंचाई को लेकर संकट उत्पन्न […]
