1 लाख 80 हजार की राशि वरदी के लिए सरकार विवि प्रशासन को मुहैया कराती है
संचिका पर आज तक नहीं हो पायी कार्रवाई
आरा:वरदी की आपूर्ति के लिए विवि में मुख्यालय के लगभग दो दर्जन से अधिक चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने काम-काज ठप कर विवि परिसर में आमरण अनशन शुरू किया. आमरण अनशन पर बैठे बिहारी सिंह ने कहा कि कई वर्षो से वरदी की आपूर्ति नहीं की गयी है. विगत एक वर्ष से वरदी आपूर्ति के लिए संचिका बढ़ायी गयी, लेकिन आज तक संचिका पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. वर्ष 2007 से ही गरम वरदी की आपूर्ति हम कर्मचारियों के बीच में नहीं की गयी है, जबकि 1 लाख 80 हजार रुपये वरदी के लिए सरकार विवि प्रशासन को राशि मुहैया कराती है. लेकिन विवि प्रशासन उस राशि को फिक्स कर कमीशन कमाने में लगा हुआ है. वर्ष 2007 से ही दो सेट गरम वरदी और 2012-13 सत्र का ठंडा वरदी की आपूर्ति नहीं हुई. सितंबर, 2012 में वरदी के लिए संचिका बढ़ी, लेकिन उस संचिका के निबटारे में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई. इस मौके पर अजय मोहन भादुड़ी, नागेंद्र, बिहारी राम, गुरु दयाल प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, अरुण कुमार, सुरेंद्र पासवान, राम राज्य सिंह, राम बालक, श्याम सुंदर सिंह, रवींद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार राय, विजय शंकर सिंह, रामदेव यादव, सुखदेव यादव, राम स्वरूप पासवान, राम निवास सिंह, विश्वनाथ राउत, संसार सिंह, बिगन राम, इंद्रदेव प्रसाद यादव, मोहम्मद शमसुल होदा शामिल है. वहीं कर्मचारियों के आमरण अनशन पर बैठने से विवि के विभागों में काफी असर देखने को मिला. पेयजल सहित साफ -सफाई के कार्य पर भी असर देखने को मिला.
रिजल्ट पर निर्णय 23 को
वीर कुंवर सिंह विवि में एकेडमिक काउंसिल की बैठक 23 सितंबर को विवि के सभागार में कुलपति डॉ पीएन सिंह की अध्यक्षता में होगी. बैठक में गत बैठक में लिये गये निर्णयों की संपुष्टि के अलावे एलएलबी पार्ट थ्री सत्र 2012 के परीक्षा पत्र के संबंध में विचार किया जायेगा. बैठक में लॉ के छात्रों के रिजल्ट प्रकाशन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है. रिजल्ट प्रकाशन को लेकर विवि प्रशासन ने इसी सप्ताह एकेडमिक काउंसिल की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया था, लेकिन पीजी शिक्षकों के धरना के कारण बैठक नहीं हो सकी. मालूम हो कि एकेडमिक काउंसिल की बैठक में पीजी विभागों के विभागाध्यक्ष व शिक्षक सदस्य होते हैं.
