जजर्र हुआ स्टेट हाइवे

40 किलोमीटर की दूरी तय होती है चार घंटे में यात्र के दौरान जान जाने का खतरा डुमरांव: भोजपुर-विक्रमगंज की सड़क को स्टेट हाइवे का दर्जा मिले एक वर्ष से अधिक का समय हो गया़ बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ. सड़क पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार थम गयी […]

40 किलोमीटर की दूरी तय होती है चार घंटे में

यात्र के दौरान जान जाने का खतरा

डुमरांव: भोजपुर-विक्रमगंज की सड़क को स्टेट हाइवे का दर्जा मिले एक वर्ष से अधिक का समय हो गया़ बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ. सड़क पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार थम गयी है. जो लोग पैदल चलते हैं. उनके लिये बारिश के समय में खतरा बना रहता है.

जल जमाव के कारण सड़क पार करना खतरे से खाली नहीं है. यात्र के दौरान जान जाने का खतरा बना रहता है. चालीस किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहनों को चार घंटे का समय लग जाता है. हादसे की आशंका से वाहनों की संख्या में भारी कमी आयी है. इस सड़क पर साइकिल व मोटर साइकिल सवार रोज गिर कर चोटिल हो रहे हैं. सड़क के चौड़ीकरण व मरम्मत कार्य को लेकर 87 करोड़ की राशि का आवंटन हो चुका है़ इस आशय की जानकारी देते हुए स्थानीय विधायक डॉक्टर दाउद अली ने बताया कि सड़क की खस्ताहाल को लेकर मेजर डिस्टिक रोड से स्टेट हाइवे में परिवर्तित कराया, लेकिन कार्य को लेकर सुस्ती बनी रही.

विभागीय लापरवाही का यह मामला है इसे लेकर आरसीडी विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है. दूसरी ओर नगरवासी शिवजी पाठक, एस एस नवीन, प्रभुनाथ सिंह, मनोहर राय आदि का कहना है सड़क की स्थिति से स्थानीय लोग परेशान है. हमेशा दुर्घटना की संभावनाएं बनी रहती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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