बक्सर : डुमरांव अनुमंडल के बांके बिहारी संस्कृत उच्च विद्यालय नेनुआं के पूर्व प्रधानाध्यापक और इनके सहयोगियों पर डीएम रमन कुमार ने डीपीओ स्थापना के माध्यम से अनियमितता के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश बीइओ को दिया है.
आदेश के आठ माह बाद भी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. आश्चर्य की बात यह है कि इस संबंध में बीइओ अरविंद कुमार पुन: अनियमितता का सत्यापन करने की बात कह रहे हैं. जबकि पूर्व में अनियमितता का आरोप प्रमाणित है. बीइओ के अनुसार पूर्व डीपीओ स्थापना ने प्राथमिकी का आदेश दिये थे. अब उनका स्थानांतरण हो गया है. अब सवाल यह उठता है कि क्या डीपीओ के स्थानांतरण के बाद अनियमितता की जांचोपरांत उनका आदेश अमान्य होगा.
बहरहाल, बीइओ पुन: इसकी जांच के लिए विद्यालय के बच्चों से सत्यापन कराने की बात कह रहे हैं. उल्लेखनीय है कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक एवं इनके सहयोगियों पर मध्याह्न् भोजन, मुख्यमंत्री साइकिल योजना, छात्रवृत्ति और पोशाक योजना में अनियमितता का आरोप है. जिन पर पांच अगस्त 2014 को ही प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया जा चुका है. प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर पुन: 27 फरवरी 2015 को स्मार पत्र दिया गया, लेकिन आज तक बीइओ की लापरवाही से यह मामला अधर में लटक हुआ है.
