डुमरांव : बासगीत, खेती की जमीन व बटाइदारों के पंजीकरण में बरती जा रही अनियमितता सहित अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय पर भाकपा माले व खेमस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे.
कार्यक्रम का नेतृत्व नगर सचिव शुकर राम ने किया. प्रदर्शन के बाद सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गरीबों व भूमिहीनों को जमीन मुहैया कराने में सरकार विफल साबित हो रही है. सरकार के विफलता से दलितों के बीच आक्रोश है.
बिहार के भूमिहीनों को नीतीश सरकार तीन डिसमिल व मांझी सरकार पांच डिसमिल जमीन देने का वदा किया था, लेकिन हरबंदी, भूदान और परचेवाली जमीन को भू माफियाओं के हाथों बेचा जा रहा. सभा को जिला सचिव मनोहर जी, वीरेंद्र सिंह, शंकर तिवारी, कन्हैया पासवान, बीर उपाध्याय, श्रीभगवान, कलावती देवी आदि ने संबोधित किया.
ब्रह्मपुर संवाददाता के अनुसार प्रखंड के खेमस एवं भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष पूर्ण प्रदर्शन करते हुए जम कर नारेबाजी की. बासगीत भूमि, बटाइदारों का पंजीकरण, आदि संबंधी 2516 आवेदन अंचलाधिकारी के पास जमा किये थे, लेकिन आज तक गरीब मजदूरों को जमीन नहीं मिला. नहीं, जो जमीन दी गयी है उस पर गरीबों का दाखिल कब्जा ही हो सका. अंचलाधिकारी के उदासीनता के कारण दलित शोषित, मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा है. कार्यक्रम की अध्यक्षता बीर बहादुर पासवान ने की.
अपने भाषण में बोलते हुए विनोद रजक हरेंद्र राम, कन्हैया प्रसाद विसजर्न राम, सुकर पासवान, महफूज आलम ने प्रखंड मुख्यालय पर धरना पर बैठे शिक्षकों का खुल कर समर्थन किया और कहा कि शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन मिलना ही चाहिए. इस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के विरोध में जम कर नारेबाजी हुई. साथ ही अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के विरोध में नारे लगाये.
मांगों को लेकर माले ने दिया धरना : केसठ. प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सामने माले कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को एक दिवसीय धरना दिया. धरना की अध्यक्षता प्रखंड के माले सचिव ललन प्रसाद ने की. उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर विगत 19 जनवरी को धरना दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सात सूत्री मांगों को लेकर माले नेताओं ने अंचलाधिकारी शैलेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा. मौके पर इजराइल अंसारी, सिंगासन मुसहर, राम छबीला प्रसाद, रेखा देवी, वीरेंद्र प्रसाद, उपेंद्र भारती आदि शामिल रहे.
