बक्सर : मनुष्य को अपनी करनी का ही फल भोगना पड़ता है. जो जैसा कार्य करता है, वह वैसा ही फल भोगता है. कलियुग में पाप प्रभावी रहेगा. उक्त बातें जीयर स्वामी जी महाराज ने महायज्ञ के 20 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सुनाने के क्रम में सोमवार को कहीं.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपना कर्तव्य करना चाहिए.परिस्थितियां बदल रही हैं और लोग वैज्ञानिक युग में चल रहे हैं. अब मशीनों से काम चल रहा है. शरीर व कपड़ा साफ करने के लिए जिस तरह साबुन की जरूरत होती है, उसी तरह मनुष्य का तन-मन धोने के लिए भागवत कथा सुनने की जरूरत होती है. भागवत कथा सुन कर मनुष्य भवसागर में मुक्ति पाता है.
उन्होंने कहा कि मनुष्य को शांति कथा सुनने से मिलती है और नियमित कथा सुनने से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है. वहीं, यज्ञ समिति की पहली बैठक में सदस्यों ने डुमरांव से बक्सर एनएच 84 को मरम्मत करने की मांग की थी, जिसका काम शुरू हो गया है. इस पर भक्तों ने खुशी का इजहार किया है.
