ब्रह्मपुर : नैनीजोर बिहार घाट के समीप मठिया पर पिछले शुक्रवार से आमरण अनशन पर बैठे 77 वर्षीय वयोवृद्ध भाजपा के पूर्व विधायक डॉ स्वामी नाथ तिवारी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है. धरना के छठे दिन भी सरकार की ओर से कोई आलाधिकारी खोज-खबर लेने के लिए नहीं पहुंचा, जिससे आम जनता का सरकार पर से भरोसा उठते जा रहा है.
अपनी 31 सूत्री विभिन्न मांगों को लेकर श्री तिवारी ने जनवरी के महीने में बिहार घाट पर आमरण अनशन किया था, जो पांच दिनों तक चला था. छठे दिन, डीडीसी मोबिन अली अंसारी और पूर्व डीजीपी बीडी राम अनशन तोड़वाने के लिए आश्वासन दिया था कि मार्च तक गंगा में पीपा पुल बन कर तैयार हो जायेगा, लेकिन सरकार ने एक बार फिर से घाट की नीलामी कर दी.
इस पुल के लिए बिहार सरकार ने स्वीकृति भी 2012 में दे चुकी है. 17 करोड़ की लागत से बननेवाले इस पुल को तीन वर्ष पूर्व स्वीकृति मिली थी, लेकिन आज तक क्रियान्वयन नहीं हुआ. वहीं, दूसरी तरफ सरकार के मुलाजिम झूठा वायदा करते हैं. इसी वादाखिलाफी ने डॉ तिवारी को फिर से अनशन पर बैठने को मजबूर किया है.
श्री तिवारी का कहना है कि पीपा पुल की मांग के साथ ही दस दिन पूर्व आये तूफान ने पांच हजार एकड़ की फसल को बरबाद कर दिया है, जिसकी कीमत करीब बीस करोड़ रुपये है. इस नुकसान को सरकार किसानों को मुआवजा देकर भरपाई करे. क्योंकि किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति है. बिहार सरकार किसानों की उपज को लेने का एग्रीमेंट करे.
पूर्व विधायक के समर्थन में ग्रामीणों ने की बैठक : सिमरी़ प्रखंड के नियाजीपुर में भाजपा नेता व पूर्व विधायक डॉ स्वामीनाथ तिवारी द्वारा जारी आमरण अनशन के समर्थन में ग्रामीणों ने एक बैठक कपिलदेव राय की अध्यक्षता में की. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक ने जनहित की 33 सूत्री मांगों को लेकर अनशन किया है, जिसको लेकर शासन व प्रशासन उदासीनता बरत रहा है. इन मांगों को नहीं माना जाता है, तो नियाजीपुर के ग्रामीण भी जन आंदोलन शुरू करेंगे. मौके पर श्रीमन राय, अशोक लाल, विनायक ठाकुर, गुप्तेश्वर राय, वसंत राय आदि मौजूद थे.
