बक्सर : शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार, कॉलेजों में पढ़ाई, बेरोजगारी एवं छात्र संघों का चुनाव नहीं कराये जाने के विरोध में विधानसभा घेराव के दौरान 26 मार्च को हुए लाठीचार्ज एवं छात्रों की पिटाई, गिरफ्तारी के विरोध में बिहार बंद का छिटपुट असर बक्सर के शहरी क्षेत्र में देखने को मिला. निजी स्कूल व कॉलेजों में पढ़ाई नहीं हुई और बच्चों को वापस घर लौटना पड़ा.
सड़कों पर गाड़ियां सामान्य दिनों की तरह चलती रहीं. बूंदाबांदी के कारण सड़कों पर भीड़ कम दिखी. जिले के शहरी क्षेत्रों में ही बंद का असर दिखा और ग्रामीण क्षेत्रों में बंद अप्रभावी रहा. विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने विश्वविद्यालय संयोजक रामजी सिंह के नेतृत्व में जुलूस निकाल कर जगह-जगह दुकानें बंद करायी. छात्रों का जुलूस स्थानीय किला मैदान से निकला और विद्यार्थियों के नारे आज भी बिहार बंद रहेगा सुन कर दुकानदारों ने स्वत: अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दी.
छात्र नेताओं ने जगह-जगह सभाएं भी की और पुलिसिया अत्याचार पर भड़ास निकाला. सभा को संबोधित करते हुए विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रों पर पुलिसिया अत्याचार नहीं चलेगा.
नेताओं ने सभी दुकानदारों, कोचिंग संचालकों एवं निजी स्कूलों के संचालकों को विद्यालयों को बंद करने के लिए और आंदोलन में छात्रों का सहयोग देने के लिए आभार भी जताया. बिहार बंद के इस कार्यक्रम में बक्सर के छात्र नेता राजीव रंजन सिंह, सुनील ओझा, नीकू तिवारी, दिलीप वर्मा, बंटी शाही, कृष्ण कुमार ज्वाला आदि ने बंद में सक्रिय भूमिका निभायी.
