बक्सर : पिछले दस मार्च को चंडीगढ़-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में ठोरा नदी के समीप नगर के चार स्वर्ण व्यवसायियों से करीब चार लाख रुपये के आभूषण की लूट हुई थी. इस मामले में रेलवे और टाउन थाने की पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.उल्लेखनीय है कि पिछले दस मार्च को यह घटना तब घटी थी, जब बंगाली टोला के मोहन वर्मा, दिनेश वर्मा एवं राजेंद्र वर्मा चंडीगढ़-पटना एक्सप्रेस ट्रेन से बनारस से बक्सर अपने घर आ रहे थे. तभी चौसा के आगे ठोरा नदी के समीप अपराधियों ने पिस्टल के बल पर स्वर्ण व्यवसायियों से चार लाख के आभूषण की लूट की. इस मामले में पुलिस तफतीश कर रही है, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लग रहा. इधर, स्वर्ण व्यवसायी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परेशान हैं.
इनका मानना है कि यदि अपराधी लूट की घटना को अंजाम देकर आसानी से घूम रहे हैं, तो इनसे हमेशा ही जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है. व्यवसायी अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी चाह रहे हैं, जिससे वे राहत की सांस ले सकें.
