भोजपुरी संस्कृति के प्राण थे गायत्री ठाकुर : गुप्तेश्वर

स्मृति भवन बनेगा व प्रतिमा लगेगी जिले में : सांसद बक्सर : भोजपुरी शिरोमणि रामायण सम्राट स्व. गायत्री ठाकुर भोजपुरी संस्कृति के प्राण थे और उनकी विरासत को कायम रखने का दायित्व आज के कलाकारों को निभाने की जरूरत है. रविवार को किला मैदान में आयोजित स्व. गायत्री ठाकुर की पहली पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि सभा […]

स्मृति भवन बनेगा व प्रतिमा लगेगी जिले में : सांसद
बक्सर : भोजपुरी शिरोमणि रामायण सम्राट स्व. गायत्री ठाकुर भोजपुरी संस्कृति के प्राण थे और उनकी विरासत को कायम रखने का दायित्व आज के कलाकारों को निभाने की जरूरत है. रविवार को किला मैदान में आयोजित स्व. गायत्री ठाकुर की पहली पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि सभा का उद्घाटन करते हुए राज्य के पुलिस एडीजी गुप्तेश्वर पांडेय ने उक्त बातें कहीं.
मौके पर सांसद अश्विनी चौबे ने कहा कि भोजपुरी में भिखारी ठाकुर के बाद अगर कोई व्यक्ति ने भोजपुरी को शालीनता से आगे बढ़ाया, तो उनका नाम गायत्री ठाकुर है. उनके नाम पर बिहार में स्मृति भवन और प्रतिमा लगाने का काम किया जायेगा. कार्यक्रम का शुभारंभ विष्णु ओझा ने पूरा न करिहे दूध गाकर किया. कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक रवि रंजन ने किया. गोपाल राय ने राम के बिना हरिनाम के बिना और कवना बिरिछवा ए चिरई गाकर श्रोताओं को आकर्षित किया. जबकि गीता में इहे बतावल बा बतिया गाकर भरत शर्मा ने लोगों को उनकी याद ताजा कर दी.
प्रतिभा सिंह ने नमवा काबो न बुताइ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम के संयोजक पवन जी व मनीष जी तथा स्व. गायत्री ठाकुर के दामाद व पुत्र थे. मौके पर विधायक उपेंद्र तिवारी, भाजपा के किसान मोरचा के नेता परशुराम चतुर्वेदी, बीएन तिवारी, राजवंश सिंह, चौधरी दुर्गा चरण मिश्र, नंद कुमार तिवारी, अक्षयवर यादव आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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