बक्सर : किला में आयोजित दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले का गुरुवार को समापन हो गया. मेले में जिले के किसानों को कृषि यंत्रों पर 48 लाख 62 हजार रुपये का अनुदान वितरित किया गया. मेले में कृषि यंत्रों की खरीदारी के लिए जिले से पांच हजार पांच सौ तैंतालीस किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसमें मात्र 223 किसानों को ही अपनी आवश्यकता के कृषि उपकरण प्राप्त कर सके.
आवेदन के अनुसार नहीं मिला यंत्र : जिले के कुल ऑनलाइन पांच हजार पांच सौ तैंतालीस किसानों ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 223 किसानों को ही दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले में अपेक्षित कृषि यंत्र प्राप्त हो सका. ऑनलाइन आवेदनों की तुलना में बहुत सीमित संख्या में किसानों को यंत्र मिले. अनुदानित कृषि यंत्रों के प्रति मोह भंग हो रहा है. हर मेले के आयोजन में सरकार के लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन इस मेले का किसानों को सापेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है.
ऑनलाइन आवेदनों की तुलना में कम संख्या में किसानों को अनुदान पर यंत्र प्राप्त हो रहे हैं. इसको लेकर किसान सलाहकारों को मेले के समापन समारोह के दौरान लक्ष्य के प्रति ध्यान आकृष्ट कराया एवं लक्ष्य आगामी मार्च में लगनेवाले कृषि मेले में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रति कड़ा निर्देश दिया.
मात्र 65 प्रतिशत लक्ष्य ही अब तक प्राप्त : जिले के किला मैदान में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेले में चार करोड़ रुपये कृषि यंत्रों पर अनुदान देने का लक्ष्य विभाग द्वारा निर्धारित था, लेकिन विभाग इस लक्ष्य को प्राप्त करने से काफी दूर है.
चार करोड़ लक्ष्य का पीछा करते हुए विभाग इस दो दिवसीय मेले में मात्र 48 लाख 62 हजार ही अनुदान की राशि प्रदान कर सकी. कृषि विभाग 11 माह के बाद मात्र 65 प्रतिशत ही लक्ष्य प्राप्त कर सका. विभाग के सामने अब मात्र एक कृषि मेले में 35 प्रतिशत लक्ष्य करने का समय बचा है. वहीं, आवेदन के बाद भी कृषि यंत्र मेले में नहीं मिला, तो किसान मायूस होकर लौट गये.
