बक्सर : बक्सर जिले में धान की खरीद की स्थिति बदहाल है. पैक्स और क्रय केंद्रों के रहते धान की ठीक ढंग से खरीद नहीं हो पा रही है. अब तक एसएफसी ने 6274 मीटरिक टन धान की खरीद की है. जबकि पैक्स ने 4540 मीटरिक टन धान की खरीद की है. यह सरकारी आंकड़ा धान की खरीद का है, जिसमें अब तक 10 हजार 814 मीटरिक टन धान की खरीद हो चुकी है. धान की खरीद को लेकर सभी प्रखंडों में मनमानी चल रही है
और किसानों का धान औने-पौने भाव पर लिया जा रहा है. 22 मिलरों को इस बार तय किया गया है, लेकिन उन मिलरों के साथ ठीक से विभागीय तालमेल भी नहीं बन रहा है. किसान जिलाधिकारी से लेकर एसएफसी तक दौड़ लगा कर परेशान हैं और उनका धान खरीदा नहीं जा रहा है. जिलाधिकारी रमण कुमार ने समाहरणालय कक्ष में आयोजित बैठक में सभी क्रय केंद्रों प्रभारियों को चुनाव की तरह उसी मानसिकता से काम करने का आह्वान किया है और कहा है कि कोई भी क्रय केंद्र प्रभारी बिना हमसे छुट्टी लिये बाहर न जाये.
ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.जिलाधिकारी ने चौसा प्रखंड में क्रय केंद्र की जहां तारीफ की वहीं, इटाढ़ी प्रखंड में धान की खरीद की गड़बड़ी को स्वीकार भी किया. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर किसानों के हित में क्रय केंद्र काम करेंगे.
किसान धान बेचने को हैं बेताब
बक्सर : इटाढ़ी प्रखंड के बैरी गांव के आधे दर्जन किसानों ने शिकायत की है कि उनका धान खरीदा नहीं जा रहा है. जबकि, धान बिल्कुल सूखा है और अधिकारी के यहां दौड़ते-दौड़ते वे थक रहे हैं. किसान शिवशंकर तिवारी, अमरनाथ तिवारी, बैकुंठ तिवारी, श्याम सुंदर तिवारी, राज नारायण तिवारी, जगदीश तिवारी ने बताया कि उनका धान खलिहान में पड़ा है और डर लग रहा है कि कहीं पानी में खराब न हो जाये.
क्योंकि तैयार धान एक महीने से खलिहान में पड़ा है और क्रय केंद्र और पैक्स धान नहीं खरीद रहे हैं, बल्कि व्यवसायियों के माध्यम से धान की खरीद कर लोग मालामाल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सब किसानों के पास एक हजार क्विंटल से अधिक धान है, लेकिन धान बेचने के लिए परेशान हैं.
