जानकारी की कमी : जनधन योजना के नियम व शर्तो के मुताबिक खातों का नहीं हो रहा संचालन
केंद्र सरकार ने देश की गरीब जनता के लिए धन जुटाने के लिए योजना तो बना दी, लेकिन इस जन धन योजना की पर्याप्त जानकारी के अभाव में जिले की अशिक्षित व असहाय जनता के द्वारा बैंकों में खुलवाये गये खातों में से 40 प्रतिशत बैंक खाते योजना के नियम व शर्तो को पूरा करने में विफल साबित हो रहे हैं.
एक आंकड़े के मुताबिक एचडीएफसी बैंक में अभी तक कुल 600 ग्राहकों का खाता खोला गया है, उसमें से 500 खाते निष्क्रिय पड़े हैं.
छह माह तक संचालन अच्छा रहा, तो मिलेगा पांच हजार का ओवर ड्राफ्ट, रु-पे कार्ड का प्रयोग है जरूरी
जानकारी के अभाव में खातों का नहीं हो रहा उपयोग
मृत्यु के 45 दिन पूर्व होना चाहिए एक बार निकासी तभी मिलेगा बीमा का लाभ
बैंक ग्राहकों को कर रहे हैं जागरूक
बक्सर : हर घर को बैंक से जोड़ने के उद्देश्य से जन-धन योजना के तहत जिले में लाखों लोगों का विभिन्न बैंकों में खाता खोला गया है, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण खोले गये खातों में से अधिकतर खाते निष्क्रिय पड़ गये हैं. ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह लोगों में खाता खोलवाने को लेकर उत्साह देखा गया. उस तर से खातों को संचालित करने के प्रति उत्साह नहीं दिख रहा.
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नगर के मेन रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया में अब तक जन-धन योजना के तहत कुल लगभग 25 हजार खाते खोले जा चुके हैं, लेकिन जन-धन योजना का लाभ लेने के लिए बने नियम व शर्त को पूरा करने में लगभग 40 प्रतिशत लोग पीछे हैं.
बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार मिश्र ने बताया कि ग्राहकों को जन-धन योजना के संबंध में पूरी जानकारी दी जा रही है. ताकि खाताधारियों को अधिक-से-अधिक लाभ मिल सके. प्रबंधक ने बताया कि बैंक ने लगभग 20 हजार रु-पे कार्ड जारी किया है.
नहीं है योजना की सही जानकारी : खाताधारी रमेश प्रसाद (55) ने बताया कि अक्तूबर माह में बैंक में खाता खोलवाया था. जब उनसे यह पूछा गया कि योजना का लाभ लेने के लिए क्या नियम है, तो उन्होंने इस संबंध खुद को असमर्थ बताया और कहा कि खाता खोलवाने के वक्त बैंक कर्मी ने बीमा की राशि समेत अन्य लाभ मिलने की बात कही. ऐसे कितने खाताधारी हैं, जो सिर्फ यह जानते हैं कि खाता खोलवाना है और जमा निकासी करनी है. जबकि, बीमा समेत अन्य लाभ लेने के लिए कुछ तकनीकी बातों को ध्यान में रखना है.
600 खातों में 500 निष्क्रिय पड़े हैं खाते : एचडीएफसी बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक बैंक ने जन-धन योजना के तहत कुल 600 खाते खोले जा चुके हैं, लेकिन इनमें लगभग 500 ऐसे खाते हैं, जिनका संचालन जन-धन योजना के तहत नहीं किया जा रहा है. ऐसे में योजना के लाभ से लोग वंचित हैं. हालांकि, प्रबंधन एसबी मिश्र ने बताया कि खाताधारियों को योजना के संबंध में जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है.
ऐसे मिलेगा बीमा का लाभ : बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक जन-धन योजना के तहत खाताधारियों के परिजनों को बीमा का लाभ तब मिलेगा, जब खाताधारी के मृत्यु के 45 दिन पहले कम-से-कम एक बार रु-पे कार्ड से पैसे की निकासी की गयी हो. अन्यथा बीमा की सुविधा परिजनों को नहीं मिलेगी. मसलन बीमा का लाभ रु-पे कार्ड के माध्यम से तय समय सीमा में ही मिलेगा.
ओवर ड्राफ्ट के लिए लेन-देन हो अच्छा : गरीब खाताधारियों के लिए आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम पांच हजार रुपये की निकासी करने की सुविधा मिलती है. दूसरे शब्दों में यदि आपके खाते में राशि शून्य हो और आपको पैसे की अति आवश्यकता हो, तो बैंक आपको पांच हजार रुपये का लोन देता है. बशर्ते आपके खाते का संचालन लगभग छह माह तक अच्छा हो.
राशि चुकता नहीं करने पर होगी कार्रवाई : ओवर ड्राफ्ट की सुविधा अल्प अवधि के लिए दिया जाता है. यदि ओवर ड्राफ्ट की राशि तय सीमा पर चुकता नहीं की गयी, तो बैंक की ओर से केस दर्ज कराया जाता है.
बक्सर शहर के विभिन्न बैंकों में खातों की संख्या
बैंक खातों की संख्या
बैंक ऑफ इंडिया 25 हजार
पंजाब नेशनल बैंक 12 हजार
एचडीएफसी बैंक 600
एसबीबीजे बैंक 600
एक्सिस बैंक 151
नोट-आंकड़ा बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक से लिया गया है.
