ब्रह्मपुर : जिले में यूरिया के लिये हाहाकार मचा हुआ है. वहीं, दुकानदारों द्वारा अन्य ठिकानों पर खाद छिपाने की लुका-छिपी का खेल शुरू हो गया है, जिससे बाजार में खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा हो गयी है और किसानों से मुंह मांगी कीमत वसूल की जा रही है.
मजबूर किसान पांच सौ से अधिक मूल्य देकर यूरिया की बोरी खरीद भी रहे हैं.
प्रखंड के एकरासी गांव में खाद के लुका छिपी के इस खेल को ग्रामीणों की सूचना पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी गोपाल सिंह ने मंगलवार को उजागर किया. गांव के दो भाई रामचंद्र साह एवं शिवजी साह ने सौ बोरा खाद कालाबाजारी के लिये छिपा कर रखा था, जिसे छापेमारी कर जब्त कर लिया और किसानों के बीच तीन सौ रुपये की दर से वितरण कर दिया.
ज्ञात हो कि गेहूं की सिंचाई का समय होने से बाजार में खाद की मांग बढ़ गयी है. मांग के अनुरूप बाजार में खाद नहीं होने से कालाबाजार को और हवा मिल रही है. बीएओ ने बताया कि खाद को छिपा कर रखनेवालों की खैर नहीं होगी. प्रत्येक खाद दुकान पर छापेमारी की जा रही है. इधर प्रखंड कृषि पदाधिकारी गोपाल सिंह ने एकरासी गांव में गुप्त सूचना के आधार पर शिवजी प्रसाद को 100 बोरा यूरिया खाद को कालाबाजारी की नियत से गोदाम में छुपा कर रखा पाया गया.
गांववालों का कहना है कि यूरिया खाद 500 रुपये प्रति बोरा की दर से बेचा जा रहा है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कृषि पदाधिकारी ने अपने समक्ष 100 बोरा खाद को जब्त कर किसानों के बीच 300 रुपये प्रति बोरा की दर से बिक्री कर दिया गया. प्रखंड क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी अपने चरम पर है.
