सरकार किट दे तो हम पदक देंगे

बक्सर : बक्सर जिले के महात्मा गांधी नगर, बड़की बसौली गांव के रहनेवाले दिलीप कुमार ने अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक लाकर जिले का मान बढ़ाया है. 19 से 21 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल के न्यू कोच बिहार के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंडोर स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्राइ नेशन कप-2014 में अपने भार […]

बक्सर : बक्सर जिले के महात्मा गांधी नगर, बड़की बसौली गांव के रहनेवाले दिलीप कुमार ने अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक लाकर जिले का मान बढ़ाया है. 19 से 21 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल के न्यू कोच बिहार के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंडोर स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्राइ नेशन कप-2014 में अपने भार वर्ग 56 केजी में कांस्य पदक जीत लिया.
हालांकि थोड़ी सी चूक ने नेपाली खिलाड़ी को विजय दिला दी, नहीं तो दिलीप रजत पदक का विजेता बन सकता था. आरा के कराटे के प्रशिक्षक मुकेश कुमार से शिक्षा लेनेवाले दिलीप कुमार को तीन सालों में काफी सफलता मिली है. कांस्य पदक से पहले दिलीप ने नौवीं कक्षा में पढ़ते हुए कराटे का प्रशिक्षण लेना शुरू किया और धीरे-धीरे आगे ही बढ़ता गया.
इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता वोवे नाम नेशनल चैंपियनशिप में भी दिलीप ने कांस्य पदक हासिल किया था. जबकि, वर्ष 2010 में स्कूली खेलकूद में पटना में उसने स्वर्ण पदक भी अपने भार वर्ग में जीता था. दिलीप को सरकार और किसी संस्था से कोई मदद नहीं मिली. दिलीप का कहना है कि बिहार सरकार से बहुत दिन पहले पायका खेल के लिए किट मिला था, जिसके सहारे वह प्रैक्टिस करता रहा. अब वह किट भी पुराना हो गया है.
जब तक सरकार किट में मदद नहीं करती, तब तक गांव के गरीब खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकता. उसने कहा कि उसके मामा अभिषेक कुमार के साथ-साथ माता-पिता भी खेल में प्रोत्साहित करते हैं, जिससे वह आगे बढ़ रहा है. एक सवाल के जवाब में दिलीप ने बताया कि बिहार में क्रिकेट, हॉकी जैसे अन्य खेलों में आगे बढ़ना पिछड़े क्षेत्र के लोगों के लिए काफी मुश्किल है. इसलिए उसने कराटे को आत्मसात कर आगे बढ़ने की कोशिश की. उसने कहा कि यह खेल खेल के साथ-साथ आत्मरक्षा का भी बेहतर उपाय सिखाता है और इस खेल को लड़कियों को भी अपनाना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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