बक्सर : जिले में खौफ का पर्याय बन चुके पूर्व पैक्स अध्यक्ष चिंता हरण ओझा उर्फ कुड़कुड़ ओझा का हत्यारा संदीप यादव को छह दिन बाद भी पुलिस गिरफ्तार करने में विफल साबित हुई है.
जबकि इसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बना कर आरक्षी अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर लगातार छापेमारी की जा रही है. अपराधी संदीप यादव बचपन से ही तेज दिमाग का था और इसके कई प्रमाण लगातार जिला पुलिस को मिलते रहे हैं.
ग्रामीण परिचर्चा में ये बात सामने आयी कि संदीप वास्तव में आइआइटीयन बनना चाहता था, लेकिन पिता की हत्या के बाद परिस्थितियों ने उसे कुख्यात अपराधी बना दिया. कुख्यात संदीप यादव महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय चरित्रवन में इंटर साइंस का छात्र रहा है और पढ़ने में हमेशा मेधावी रहा है.
मैट्रिक में संदीप ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर प्रथम श्रेणी से पास किया था और उसके पिता स्व. उदय यादव ने उसकी तेज दिमाग के कारण पटना में उसके इच्छा के अनुसार इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए भेजा था, लेकिन 2013 में जब उसके पिता की मौत जहर से हो गयी और इनके साथ रहनेवाले लोगों ने जब दुश्मनी निभा दी, तो संदीप विचलित होकर वापस बक्सर आ गया और आपराधिक दुनिया से नाता जोड़ लिया.
आपराधिक संलिप्तता के बाद ही लूटपाट, हत्या समेत कई संगीन मामलों में वह शामिल होने लगा और फिर बक्सर पुलिस की हिरासत में चला गया.पिता की मौत को लेकर प्रति हिंसा की आग में वह भीतर-ही-भीतर जलता रहा और अंतत: इंटर की परीक्षा देने के बहाने जब मार्च 2014 में बक्सर आया, तो निकल भागने में कामयाब हो गया. इसके बाद से ही संदीप आक्रामक हो गया है और पुलिस को लगातार चकमा दे रहा है.
