डुमरांव : पिछले दिनों प्याज के दामों में बेतहाशा हुई वृद्धि के कारण डुमरांव के लोगों को प्याज की किल्लत से जूझना पड़ा था़ वजह थी प्याज की पैदावार कम होना़ उस वक्त बाजार में खेतों से प्याज पहुंचते ही उसकी कीमत में चौगुनी हो जाती थी. एक दशक के अंतराल में प्याज के दामों में इतना उछाल हुआ कि देश के लोकतंत्र की जड़े हिल गयीं थीं. आज स्थिति दूसरी है.
यह इलाका प्याज से गुलजार होता दिख रहा है़ इसे देख जमाखोरों की नजरें किसानों की खेतों पर गड़ गयी हैं. बाजार में आने से पहले ही बिचौलिये किसानों के खेतों तक पहुंच कर प्याज की खरीदारी कर ले रहे हैं.
मेहनत का दिख रहा है असर : डुमरांव के अलावे ग्रामीण इलाकों के किसान प्याज की खेती कर अपनी किस्मत गढ़ रहे हैं़ नगर के चारमोटिया ईनार, जंगली बाबा व कांव नदी के इलाके में प्याज की अच्छी उपज हुई है़ ग्रामीण क्षेत्रों के पुराना भोजपुर, नंदन, लाखनडिहरा, कोपवां, आमसारी, सुरौंधा सहित अन्य गांवों में भी हर समुदाय के लोग प्याज की खेती में लगे हुए हैं. प्याज उत्पादन से जुड़े किसानों का कहना है कि इस बार मौसम के मेहरबानी व रात-दिन मेहनत के बाद खेत लहलहा रहे हैं.
जितनी मेहनत, उतनी कमाई : कृषकों ने कड़ी मेहनत कर प्याज की फसल को बचाया है़ प्याज की पैदावार में जितनी मेहनत है, उतनी आमदनी है. प्याज की फसल की काफी देखभाल करनी पड़ती है़ अधिक पानी व अधिक धूप दोनों इस फसल को हानि पहुंचाते हैं.
किसान लालबाबू चौधरी, बीरबल सिंह, विनोद कुशवाहा आदि ने बताया कि अब प्याज बाजार की मंडियों में आने लगे हैं. प्याज की खेती से अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है़ वर्ष भर इस कमाई से परिजन खुशहाल रहते हैं. अधिकतर किसान खेतों में ही अपने प्याज को मोल-भाव कर बेच देते है़.
