बक्सर : मुथुट फाइनेंस में लूट की घटना के बाद भी पुलिस बैंकों की सुरक्षा के प्रति चौकस नहीं है. बैंकों में सुरक्षा के अब भी कोई खास इंतजाम नहीं किये गये हैं. सब कुछ पूर्व की भांति ही चल रहा है.
हालांकि सुरक्षा के नाम पर अब पुलिस के जवान बैंकों में एक बार चक्कर लगा रहे हैं. पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था से बैंकों के ग्राहक संतुष्ट नहीं है. लोगों का कहना है कि बैंकों से राशि निकालने के समय कई अपराधी प्रवृत्ति के लोग आसपास मंडराते रहते हैं. जिसके बारे में गश्ती में आने वाले पुलिस के जवान भी उनकी सुध नहीं लेते. ऐसे में राशि निकासी कर घर की ओर जाने वाले लोगों को अपराधियों का निशाना बनना पड़ता है.
* बैंक ऑफ बड़ौदा में एक गार्ड
मेन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की सुरक्षा व्यवस्था मात्र एक गार्ड के सहारे है. इतनी बड़ी लूट की घटना के बाद बैंक की सुरक्षा में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया है. बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक सोमनाथ सिंह का कहना है कि घटना के बाद पुलिस बैंक में गश्ती करने आती है, लेकिन प्रशासन द्वारा स्थायी सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया है. बैंक में सीसीटीवी में से चैनल संख्या 3 बाहरी क्षेत्र के गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए है, लेकिन, कैमरा खराब पड़ा हुआ है.
* बाहरी क्षेत्र में सीसीटीवी नहीं
मेनरोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया में कुल गाडरें की संख्या 7 है, जिसमें 3 बैंक के गार्ड हैं तथा 4 बिहार पुलिस के जवान तैनात हैं. बैंक के बाहरी क्षेत्र में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है. शाखा प्रबंधक ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक में विषम परिस्थिति के दौरान अलार्म की व्यवस्था की गयी है. यहां गार्ड की व्यवस्था है, लेकिन बैंक में हर दिन आने वाले संदिग्ध लोगों पर उनकी नजर नहीं रहती.
* होमगार्ड के सहारे है स्टेट बैंक
मुनीम चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा में कुल गार्डों की संख्या 15 है. सभी होमगार्ड है. वैसे सुरक्षा के लिहाज से गाडरें की संख्या ठीक है, लेकिन जिस स्टाइल में अत्याधुनिक हथियारों से लैस अपराधी बैंकों में हमला बोलते हैं, वैसे में होमगार्ड के हथियार उनके सामने कारगर साबित नहीं होंगे. मुथुट फाइनेंस में भी गार्ड की मौजूदगी में अपराधियों ने लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी. स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ध्रुव कुमार ने बताया कि बैंक के सुरक्षा मानकों को हर संभव पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
* छोटे परिसर में चलता है बैंक
मेन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य शाखा में सीसीटीवी कैमरा सक्रिय है, लेकिन मुख्य गेट पर कौन आ रहा है और कौन जा रहा है इस पर किसी की नजर नहीं रहती. बैंक परिसर काफी छोटा होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से उपयुक्त नहीं है. शाखा प्रबंधक अंजनी कुमार ने बताया कि पुलिस अब बैंक में गश्ती के दौरान आती है, लेकिन बैंक के बाहर सुरक्षा के लिहाज से अब बहुत कुछ कमी है.
* क्या कहते हैं बैंकों के ग्राहक
पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक अमृत कुमार का कहना है कि बैंक के भीतर सुरक्षा की व्यवस्था तो ठीक रहती है लेकिन बैंक से पैसा निकासी करने के बाद बाहर लूट जाने का खतरा बना रहता है. पुलिस की निष्क्रियता को देखते हुए ग्राहकों के मन में सुरक्षा को लेकर असमंजस है.
स्टेट बैंक के ग्राहक भगवान प्रसाद वर्मा का कहना है कि बैंको से पैसा निकासी करने के बाद घर सही सलामत पहुंच जाएं. इसकी कोई गारंटी नही है. लूट की घटनाओं में आयी बढ़ोतरी के कारण पुलिसिया कार्रवाई पर आमजन का भरोसा कम होते जा रहा है. बैंकों से लेन देन करने में ग्राहक अब थोड़ा घबराने लगे हैं.
* बैंकों की सुरक्षा के प्रति चौकसी नहीं
* बैंक ऑफ बड़ौदा का खराब पड़ा है सीसीटीवी
– बरतें सावधानी
* बैंक से लेन-देन करने से पहले किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी न दें
* लेन-देन के दौरान किसी भी अन्य व्यक्ति से बातचीत न करें
* बैंक से लेन-देन के बाद घर जाते समय रास्ता बदल कर जाएं तथा समय को भी बदल दें
* बैंक परिसर में मोबाइल का इस्तेमाल न करें
* यदि कोई संदिग्ध गतिविधि का पता चले तो इसकी सूचना शाखा प्रबंधक या पुलिस को तुरंत दें
