डुमरांव : मॉनसून के शुरुआत के साथ ही प्राकृतिक तोहफे के रूप में हो रही बारिश से एक तरफ गर्मी एवं ऊमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली है, तो दूसरी तरह बिजली की कटौती तथा अनियमित सप्लाइ से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है.
घंटों बिजली बाधित रहने से लोगों का जीवन मुहाल हो गया है. शहर सहित ग्रामीण इलाके के उपभोक्ताओं का कहना है कि बुधवार की शाम से हो रही लगातार बारिश के शुरुआत के साथ ही बिजली का आना जाना शुरू हो गया है.
वहीं रात्रि दस बजे के बाद से डुमरांव में बिजली सप्लाइ पूरी तरह बंद हो गयी, जो गुरुवार की सुबह लगभग दस बजे के बाद कुछ मिनट के लिए नगर में बिजली आयी फिर चली गयी. घंटों बिजली के न रहने से लोगों के घरों में पीने का पानी तक खत्म हो गया था. लोगों ने बताया कि स्थिति ऐसी थी कि लोगों को अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा.
वहीं इन्वर्टर की बैट्री भी जवाब दे दी, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों पर गहरा असर पड़ा. बिजली न रहने का सबसे गहरा असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर पड़ा. जबकि घंटों बिजली गुल रहने से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का ऑनलाइन फॉर्म भरने से प्रतियोगी छात्र वंचित रहे. इसके चलते छात्रों में बिजली कंपनी के प्रति गहरा आक्रोश रहा. तथा वे अपने कैरियर को लेकर चिंतित दिखे.
तथा इसके लिए सूबे के मुख्यमंत्री से बिजली आपूर्ति को नियमित करने की मांग की. बिजली न रहने से प्रभावित उपभोक्ता राम बहादुर सिंह, योगेंद्र ठाकुर, अवध बिहारी पांडेय, शिवजी सिंह, महेंद्र यादव, राजेन्द्र दूबे, सतेंद्र यादव, धनंजय पांडेय, प्रिंस पीयूष, प्रियंका भारद्वाज, राजकुमारी, बाबूलाल राम, अभिषेक पाठक ने कहा कि बिजली के गुल होने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
गुरुवार को साढ़े तीन बजे शाम तक कुछ ग्रामीण इलाकों से बिजली गुल रही. तो कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति शुरू हो गयी थी. खबर लिखे जाने तक मुरार, चौगाई, कोरानसराय आदि इलाकों के कई जगहों में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी.
इस संबंध में डुमरांव बिजली विभाग के एसडीओ संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि बारिश के बीच 33 हजार वोल्ट में फॉल्ट आने के कारण बिजली बंद हुई थी जो गुरुवार की सुबह 9:45 तक शहर की बिजली आपूर्ति चालू कर दी गयी.
